होशियारपुर में 4 वर्षीय बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद हरकत में प्रशासन, 7 दिन में बंद होंगे खुले गड्ढे

चार वर्षीय बच्चे के खुले बोरवेल में गिरने की घटना के बाद होशियारपुर जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला प्रशासन ने जिलेभर में खुले और परित्यक्त बोरवेलों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद करने या सुरक्षित ढंग से ढकने के आदेश जारी किए हैं। डीसी आशिका जैन ने सभी संबंधित विभागों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही आदेश दिया है कि यह पूरी कार्रवाई सात दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। गौरतलब है कि चक समाना गांव में शुक्रवार को चार वर्षीय गुरकरण खुले बोरवेल में गिर गया था। घटना के बाद प्रशासन, राहत दलों और स्थानीय लोगों ने करीब नौ घंटे तक लगातार बचाव अभियान चलाया।

लंबे प्रयासों के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने जिलेभर में ऐसे खुले और लावारिस बोरवेलों को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है।

आदेशों के अनुसार सभी उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों, विकास खंड अधिकारियों, नगर परिषदों, नगर समितियों और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे बोरवेलों की पहचान करने और उन्हें तुरंत बंद कराने या सुरक्षित तरीके से ढकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उपमंडल अधिकारी और तहसीलदार निगरानी अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारी खेतों और अन्य स्थानों पर पड़े बंद पड़े बोरवेलों की पहचान करेंगे। ग्राम पंचायतों और सरपंचों को भी ऐसे स्थानों की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने को कहा गया है।

बोरवेल की पहचान के लिए सर्वे के आदेश जारी

शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों को अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। विकसित कालोनियों और आवासीय क्षेत्रों में बंद पड़े बोरवेलों की पहचान की जिम्मेदारी संबंधित विकास एजेंसियों को दी गई है। औद्योगिक इकाइयों को भी अपने परिसरों में मौजूद बोरवेलों की जानकारी प्रशासन को देने और उन्हें सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निजी बोरवेल मालिक, किसान, संस्थान, आवासीय समितियां और उद्योग अपने बोरवेल सुरक्षित रखने के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पंजाब पुलिस को भी आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई में सहयोग देने को कहा गया है।

सभी विभागों को सात दिनों के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सर्वे किए गए, चिन्हित, बंद किए गए और लंबित मामलों का पूरा विवरण देना होगा।

खुले बोरवेल मानव जीवन के लिख खतरा

डीसी ने आपदा प्रबंधन कानून और पंजाब भूमि संरक्षण कानून के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि खुले और परित्यक्त बोरवेल मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं, विशेषकर बच्चों के लिए। ऐसे में किसी भी स्थिति में इन्हें खुला या असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता।

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