नाबालिग बेटी का मां-बाप ने 50 हजार रुपये में सौदा करने के बाद जबरन शादी करा दी। ससुराल में भी उसका शारीरिक व मानसिक शोषण किया गया। मौका पाकर किशोरी 18 दिन बाद ससुराल से भागकर खड़ी हुई। चाची के घर पहुंचने के बाद आपबीती सुनाई।
काउंसलिंग के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) में किशोरी की तहरीर पर मां-बाप, बुआ, पति सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। किशोरी को चाची के सिपुर्द किया गया है।
ताजगंज क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय किशोरी ने दर्ज मुकदमे में कहा है कि तीन अप्रैल 2026 को उसके मां-बाप उसे रिश्तेदारी में चलने की बात कहकर ईदगाह क्षेत्र में एक जगह पर लाए। वहां पहले से मौजूद बुआ ने साड़ी व अन्य कपड़े देते हुए तैयार होने के लिए कहा। बुआ ने बताया कि आज उसकी शादी है।
किशोरी ने विरोध किया तो मां-बाप ने उसकी पिटाई करते हुए किशोरी की उम्र से दोगुने बड़े युवक से उसकी जबरन शादी करा दी। किशोरी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे युवक अपने घर ले गया, जहां कई दिनों तक शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।
इस दौरान आरोपित की भाभी ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसे 50 हजार रुपये में बेच दिया है। यदि वह विरोध करेगी तो उसे कहीं और बेच दिया जाएगा। पीड़िता ने बताया कि 21 अप्रैल की सुबह मौका मिलने पर वह ससुराल से भाग निकली और अपनी चाची के घर पहुंची।
किशोरी ने चाची को आपबीती सुनाई, इस पर मामले की शिकायत पुलिस से की गई। एएचटीयू ने काउंसलिंग कराई, लेकिन किशोरी मां-बाप के साथ रहने के लिए तैयार नहीं हुई।
इस पर उसे चाची के ही सिपुर्द कर दिया गया। जांच के बाद एएचटीयू ने किशोरी के मां, बाप, बुआ, शादी करने वाले युवक व उसके स्वजन सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया किशोरी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।


