रेलवे सुरक्षा बल की गठित टास्क टीम ने शनिवार को गोरखपुर से गोंडा के बीच दर्जनों ट्रेनों में सघन अभियान चलाकर अनधिकृत रूप से रखी गईं 1656 लोकल ब्रांड वाली पानी की बोतलें जब्त की। टीम ने पानी की बोतलों को जब्त कर गोरखपुर और गोंडा लगायत विभिन्न स्टेशनों पर पानी की बोतलों को उतरवा दिया।
पानी की बोतलें बोगियों में बिक्री के लिए लावारिश रखी गई थीं। अभियान के दौरान ट्रेनों में गोरखपुर से गोंडा तक वेंडरों के बीच हड़कंप मचा रहा। टीम ने वेंडरों के अलावा संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने ट्रेन नंबर 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस के जनरल कोच से 252 बोतल तथा 15566 वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच से 36 बोतल पानी की बातलें जब्त की। ट्रेन नंबर 22551 के जनरल कोच से 372 बोतल जब्त की गईं। यह सभी पानी की बोतलें लावारिश रखी गई थीं।
बरामद पानी की बोतलों कीमती 17040 रुपये हैं। रेलवे सुरक्षा बल की दूसरी टीम ने भी दर्जनों ट्रेनों को चेक किया। ट्रेनों में जब्त की गई अमानक पानी की बोतलों की कीमत 16080 रुपये है।
दरअसल, गर्मी शुरू होते ही ट्रेनों में पानी की बिक्री बढ़ गई है। इसके साथ ही पानी का अवैध कारोबार भी तेज हो गया है। वेंडर ट्रेनों में धड़ल्ले से लोकल ब्रांड वाली पानी की बोतलें बेच रहे हैं। वेंडर अधिक कमाई के चक्कर में 14 रुपये वाले ‘रेल नीर’ की जगह 20 रुपये में लोकल ब्रांड पानी की बोतलें बेच रहे हैं। यह तब है जब गोरखपुर और यहां से बनकर चलने वाली तथा गोरखपुर रूट पर ‘रेल नीर’ की बिक्री अनिवार्य है।


