भोपाल के सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (नूतन कालेज) की पहल बहुत ही अनुकरणीय है। यह लोगों को जनजातीय समुदाय की सभ्यता और संस्कृति से परीचय कराएगा।
माना जाता है कि बेटियां किसी संस्कृति और परंपरा की सबसे बड़ी संरक्षक होती हैं। उन्हीं के जरियो परंपरा एक से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित होती है। ऐसे में महाविद्यालय ने जनजातीय विरासत को संवारने के लिए बेटियों पर ही भरोसा जताया है।
इसी कड़ी में महाविद्यालय ने जनजातीय समाज से आने वाली अपनी 700 छात्राओं को कल्चरल एंबेसडर (सांस्कृतिक दूत) घोषित किया है।


