उत्तर प्रदेश में स्वगणना अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 13 लाख से अधिक लोगों ने दर्ज कराई जानकारी

 प्रदेश में जनगणना को लेकर चल रहा स्वगणना अभियान अब तेजी पकड़ने लगा है। अब तक 13 लाख से अधिक लोग स्वगणना कर चुके हैं। स्वगणना के मामले में सोनभद्र, आजमगढ़ और बरेली जिले सबसे आगे हैं।

जनगणना निदेशालय की ओर से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग 21 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। इसके बाद 22 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। इसके लिए जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया गया है।

प्रदेश की करीब 25 करोड़ से अधिक आबादी को देखते हुए प्रशासन इस अभियान को व्यापक स्तर पर चला रहा है। मंगलवार शाम तक सोनभद्र में सबसे अधिक 1.33 लाख लोगों ने स्वगणना की है। आजमगढ़ दूसरे स्थान पर है, जहां 1.04 लाख लोगों ने अपनी जानकारी दर्ज की है। बरेली में यह संख्या 95 हजार तक पहुंच गई है।

हालांकि कई जिलों में अभी भी लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है। बरेली में स्वगणना अभियान को गति देने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। अभियान की निगरानी और लोगों को प्रेरित करने के लिए विभिन्न विभागों के 12 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है।

यहां के जिलाधिकारी अविनाश सिंह के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन कम से कम 20 लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य दिया गया है।

शाम को नोडल अधिकारी कर्मचारियों से दिनभर के प्रयासों का फीडबैक लेते हैं। यह व्यवस्था अभियान शुरू होने के पहले दिन से लागू है। अब अभियान को और तेज करते हुए प्रतिदिन 20 हजार से अधिक लोगों की स्वगणना कराने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसे कीजिए स्वगणना

स्वगणना के लिए http://se.census.gov.in पर जाएं। वहां अपना प्रदेश चुनें और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद परिवार का पंजीकरण करें। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल (यदि हो) दर्ज करना होगा।

एक बार दर्ज किया गया मुखिया का नाम बदला नहीं जा सकेगा और एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण होगा।ओटीपी सत्यापन के बाद भाषा चुनें और जिला, पिनकोड, गांव या शहर की जानकारी भरें। फिर मानचित्र पर अपने घर का सही स्थान चिन्हित करें। इसके बाद मकान और परिवार से जुड़े 34 सवालों के जवाब भरें। जानकारी भरने के बाद उसे एक बार जांच सकते हैं।

संतुष्ट होने पर फार्म सबमिट करें, क्योंकि सबमिट होने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। फार्म जमा होने पर ‘एच’ से शुरू होने वाली 11 अंकों की स्वगणना पहचान संख्या मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें। 22 मई के बाद जब गणनाकर्मी घर आएंगे, तब यह संख्या उन्हें बतानी होगी।

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