कोतवाली क्षेत्र में 09 अगस्त को व्यापारी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस किराना व्यापारी अक्षय को गोली लगी थी, असल में उसने ही 1.60 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में अपने विरोधी बहजोई निवासी भुवनेश को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से इस पूरी घटना का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता अक्षय समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सीओ विवेक जावला ने कोतवाली में पूरी वारदात का पर्दाफाश किया। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित बदायूं के फैजगंज निवासी रोहन गुप्ता ने खुलासा किया कि अक्षय गुप्ता ने अपने विरोधी को जेल भिजवाने के लिए उसे और उसके साथी जतिन को चंदौसी बुलाया था।
यहां अक्षय ने दोनों को अवैध तमंचा, कारतूस और 10 हजार रुपये नकद दिए थे। योजना के मुताबिक, रविवार को अक्षय जब अपनी दुकान जा रहा था, तब पहले से तय जगह कचहरी के नजदीक खड़े शूटरों ने उसके पैर के घुटने पर गोली मार दी और फरार हो गए।
अक्षय की बहन वर्षा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से इस पूरी घटना का पर्दाफाश करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपितों के पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की।
फर्जी मामला सामने आने पर पुलिस ने दर्ज मुकदमे से पुरानी धाराएं हटाकर षड्यंत्र रचने व आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक संत कुमार ने बताया कि आरोपितों को कैथल तिराहे से गिरफ्तार किया गया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

