राजनीति की बिसात पर कब कौन मोहरा बन जाए और कब अपने प्रतिद्वंद्वी, यह हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर उपमंडल की महादेव पंचायत के चुनावी रण को देखकर समझा जा सकता है। यहां कल तक भाई प्रधान और उपप्रधान की जोड़ी पंचायत चला रहे थे, आज दोनों प्रधान की कुर्सी के लिए एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं।
महादेव पंचायत में प्रधान पद के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन सबकी नजरें नीलकमल और उनके चचेरे भाई दुनी चंद पर टिकी हैं।
बीते कार्यकाल में थे प्रधान व उपप्रधान
बीते कार्यकाल में छोटा भाई नीलकमल प्रधान था तो बड़े भाई दुनी चंद ने उपप्रधान के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर विकास कार्यों को अंजाम दिया।
20 मीटर की दूरी के बीच राजनीतिक दीवार
महज 20 मीटर की दूरी पर रहने वाले दोनों भाइयों के बीच अब राजनीतिक दीवार खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि संयुक्त परिवार के 42 वोट हैं, जिसमें दुनी चंद के परिवार के 29 और नीलकमल के परिवार के 13 वोट शामिल हैं। पिछली बार सब एकजुट थे, लेकिन इस बार निष्ठाएं बंटी नजर आ रही हैं।
दुनी चंद उपप्रधान के कार्यकाल के अनुभवों को भुना रहे हैं, तो नीलकमल रसूख और विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाने का हवाला दे रहे हैं।
पंचायत की स्थिति
पंचायत में 2534 मतदाता हैं, जिनमें महिला 1268 व पुरुष मतदाता 1266 हैं। वार्ड सात इनका गृह वार्ड है। इसमें 354 मतदाता हैं। क्षेत्र में चाय की दुकानों, ढाबों से लेकर खेतों तक बस एक ही चर्चा है किसे चुनेगी महादेव की जनता और किसका चमकेगा सियासी सिक्का?


