हिमाचल प्रदेश में पालमपुर के तहत बिंद्रावन वार्ड के जंगल में खंभे पर चढ़कर आंधी से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के तार जोड़ रहे लाइनमैन रानीताल निवासी मोहन लाल पुत्र मदन लाल की सोमवार को करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने इस संबंध में विद्युत बोर्ड के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
हादसे की सूचना मिलते ही रानीताल से पहुंचे मोहन लाल के पिता, जुड़वां भाई व ग्रामीणों ने खंभे से लटके लाडले का शव देखकर बिजली बोर्ड के विरुद्ध हंगामा किया और सहायक अभियंता रजनीश को गिरफ्तार करने की मांग की।
6 घंटे बाद उतारा शव
करीब छह घंटे बाद पुलिस ने अग्निशमन विभाग के सहयोग से शव उतारा और नागरिक अस्पताल पालमपुर पहुंचाया। पोस्टमार्टम मंगलवार को करवाया जाएगा। बिजली बोर्ड ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में देखा जाएगा कि किस छोर से बिजली चालू हुई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिशासी अभियंता अमित पटियाल ने बताया कि जांच के बाद ही कारणों का पता चलेगा। बिंद्रावन फीडर को सब स्टेशन गोपालपुर व मारंडा से विद्युत की आपूर्ति होती है। मोहन लाल 11 वर्ष से विद्युत बोर्ड में कार्यरत था और कुछ समय पहले ही टीमेट से लाइनमैन बना था।
नहीं था कोई सुरक्षा उपकरण
रविवार देर रात आंधी से जंगल में पेड़ गिरने से बिंद्रावन फीडर के तार टूट गए थे। सोमवार सुबह विद्युत बोर्ड के कर्मी लाइन ठीक करने बिंद्रावन के जंगल में पहुंचे। इस दौरान मोहन लाल तार जोड़ने के लिए खंभे पर चढ़ा जबकि अन्य कर्मी टूटे तार खींच रहे थे। मोहन लाल ने कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं पहना था। यहां तक की सेफ्टी बेल्ट और दस्ताने भी कर्मचारियों के पास नहीं थे।
अचानक फीडर से विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी
इस दौरान किसी ने फीडर में विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी। करंट की चपेट में नीचे तार खींच रहे अन्य कर्मी भी आए, लेकिन उन्होंने स्थिति को भांपते हुए तुरंत तार छोड़ दिए। खंभे पर चढ़े मोहन लाल को संभलने का मौका नहीं मिला और वह वहीं झूल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
तीन साल पहले हुई थी मौत
लाइनमैन की शादी तीन साल पहले हुई थी और उसकी एक साल की बेटी भी है। विधायक आशीष बुटेल ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने घटनास्थल का जायजा लेकर सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया।
क्या हैं नियम
विद्युत बोर्ड ने मरम्मत कार्य के दौरान आपूर्ति बाधित रखने के लिए नियम तय किए हैं। 11 केवी फीडर सहित छोटी लाइनों में मरम्मत कार्यों के दौरान आपूर्ति बंद करना अनिवार्य होता है। इसके लिए संबंधित विद्युत सेक्शन के कनिष्ठ अभियंता, सब स्टेशन में लिखित रूप में आपूर्ति बंद करने और चालू करने के समय बाबत आवेदन करते हैं। सब स्टेशन में सहायक अभियंता अपने स्तर पर अन्य कर्मचारियों को सूचित कर अनुमति प्रदान करते हैं। इस समय कोई भी कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे कनिष्ठ अभियंता की आज्ञा के बिना आपूर्ति चालू नहीं कर सकता है लेकिन इस मामले में बड़े स्तर पर लापरवाही का अंदेशा जताया जा रहा है।
सवाल, जो मांग रहे जवाब
- बिना हेलमेट व सुरक्षा उपकरणों के कैसे खंभे पर चढ़ा दिया लाइनमैन।
- जिम्मेदारी अधिकारियों ने क्या बंद की थी आंखें।
- बिना अनुमति किसने चालू कर दी बिजली आपूर्ति
- पहले हुए हादसों से क्यों नहीं लिया सबक।
- लाइनमैन की मौत के लिए जिम्मेदार कौन।
करंट लगने पर क्या करें
- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं।
- जलन वाली जगह पर ड्रेसिंग कर दें।
- दर्द से राहत के लिए चिकित्सक से पूछकर पेनकिलर दें।
- अगर करंट लगने से घाव नहीं हुआ है और व्यक्ति होश में है तो उसे तुरंत खुली हवा में बैठाएं।
- अगर पानी पिलाना हो तो गुनगुना ही दें।
- व्यक्ति को ठंड न लगने दें।
कांगड़ा में करंट से मौत के प्रमुख मामले
- 30 मार्च, 2024 : रक्कड़ पुलिस थाना के तहत सलेटी गांव में बिजली के तार टूटने से नानी और दोहती ने तोड़ा था दम।
- 8 जून, 2024 : शाहपुर पुलिस थाना के तहत बिजली ठीक करते समय करंट लगने से लाइनमैन डढम्ब निवासी की मौत हो गई थी।
- 4 जुलाई, 2024 : पुलिस थाना शाहपुर के तहत नेरटी गांव में 15 वर्षीय बालक की करंट लगने से मौत हो गई थी।


