माफिया रवि काना की क्यों हुई रिहाई? बांदा के जेल अफसरों ने कोर्ट से बताई वजह
नोएडा के स्क्रैप माफिया व गैंग्स्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना की रिहाई के मामले में बांदा जेल के अफसरों ने शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर के सीजेएम न्यायालय में आनलाइन ईमेल से दो पेज का स्पष्टीकरण भेजा है।
इसमें कहा गया है कि रंगदारी मांगने के मामले में बी वारंट किया गया था, जिसमें 29 जनवरी को रवि काना की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से पेशी कराई गई थी।
कस्टडी वारंट न होने व न्यायालय से कोई अन्य आदेश नहीं प्राप्त होने के कारण उसकी सामान्य तौर पर दूसरे बंदियों की तरह रिहाई कर दी गई। इस प्रकरण में तीनों जेल अधिकारियों को निलंबित किया चुका है। उनके विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
बांदा जेल के नए जेलर आलोक कुमार ने गौतमबुद्ध नगर के सीजेएम न्यायालय को आनलाइन भेजी आख्या में मामले से जुड़े निलंबित अधिकारियों के बयान भी शामिल किए हैं।
स्पष्ट किया है कि तत्कालीन जेलर के निलंबन के बाद प्रयागराज से आकर उन्होंने मंडल कारागार में जेलर के पद पर कार्यभार संभाला है। जेल अधीक्षक के निलंबन के बाद से कार्यवाहक जेल अधीक्षक का दायित्व भी निभा रहे हैं। अब न्यायालय की शनिवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाह टिकी है।
ग्रेटर नोएडा निवासी रवि काना गौतमबुद्धनगर की जेल से अगस्त 2024 में मंडल कारागार लाया गया था। यहां से 29 जनवरी की शाम 6:39 बजे उसकी रिहाई कर दी गई थी। गौतमबुद्धनगर की सीजेएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।


