दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में मंगलवार को एक दारुल उलूम मदरसे में आग लगने से 12 साल के एक लड़के की मौत हो गई जबकि तीन अन्य बच्चों के झुलस जाने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा ओल्ड मट्टन अड्डा स्थित फैजान बाबा हैदर ऋषि मदरसे में पेश आया। अचानक से लगी आग ने एकाएक पूरे मदरसे को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले कि बच्चे सुरक्षित स्थान की ओर जाते आगे में चार लड़के झुलस गए। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इलाज के दौरान एक बच्चे ने तोड़ा दम
अधिकारी के मुताबिक, चारों बच्चे आग में बुरी तरह से झुलस गए थे। स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से सभी घायलों को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका ईलाज शुरू कर दिया। इस बीच अपने जख्मों का ताव न सहते हुए एक 12 वर्षीय बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतक और घायलों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में मारे गए युवक की पहचान वडवन निवासी मोहम्मद अकबर के 12 वर्षीय बेटे बिलाल अहमद के रूप में हुई है। घायलों में संगलदान निवासी साबित फयाज और साहिल अहमद तथा पहलगाम निवासी इरफान अहमद शामिल हैं। पुलिस ने घटना का संज्ञान ले लिया है और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। आगजनी की इस घटना में मदरसे को काफी क्षति पहुंची है।
नौगाम में भी मदरसे में लगी आग
इससे पूर्व गत सोमवार को श्रीनगर के नौगाम के इकबाल कॉलोनी नाइक बाग इलाके में भी एक दारुल उलूम में आग लगने की घटना में नुकसान हुआ था। हालांकि इस हादसे में किसी जान की क्षति नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘इमदादिया’ नाम के मदरसे की इमारत की ऊपरी मंजिल में आग लग गई। आग और धुएं ने इमारत के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घनी आबादी वाले इस इलाके में दहशत फैल गई।
आग लगने के बाद दारुल उलूम के अंदर मौजूद छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल की गाड़ियां पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों और सेमिनरी के स्टाफ ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया, ताकि आग पास की रिहायशी इमारतों तक न फैले। घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण ऑपरेशन तेजी से चलाया गया।
ऊपरी मंजिल को पहुंचा नुकसान
घटना में मदरसे की ऊपरी मंजिल को काफी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। हालांकि, सही कारण का पता संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही चलेगा। इलाके में मकान एक-दूसरे से सटे हुए हैं और मदरसे के आसपास रिहायशी घर होने के कारण घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया था।


