हिमाचल प्रदेश में करीब 5 दशकों तक पिछड़े जिलों में शामिल रहे सिरमौर जिला के लोगों ने आपसी भाईचारे तथा जागरूकता का परिचय देते हुए सर्व सहमति तथा निर्विरोध पंचायत चुनने का सिलसिला लगातार जारी रखा है। बता दें कि जनवरी 2021 के चुनाव में भी हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक 33 ग्राम पंचायतें जिला सिरमौर में निर्विरोध चुनी गई थी। किसी कड़ी में शिलाई विधानसभा क्षेत्र की द्राबिल
पंचायत भी सर्वसम्मति से चुन ली गई। द्राबिल के महासु महाराज मंदिर प्रांगण में सभी ग्रामीणों की बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति से पूरी पंचायत का पैनल चुन लिया गया। बता दें कि जब उत्तराखंड से हिमाचल प्रवास पर चालदा महासू महाराज सिरमौर आगमन पर आए थे, तो उनका पहला पड़ाव द्राबिल में ही हुआ था। उसी दिन ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से पंचायत चुनने का निर्णय ले लिया था। पंचायत के पूर्व प्रधान मदन शर्मा ने बताया कि पूरी पंचायत के ग्रामीणों ने महासूमहाराज के आशीर्वाद से सर्वसम्मति बनाते हुए पूरा पैनल चुन लिया है। इसकी जानकारी 15 मई को खंड विकास अधिकारी शिलाई को दी जाएगी। नवनियुक्त पंचायत प्रतिनिधियों में
द्राबिल पंचायत प्रधान दया देवी को चुना गया। उपप्रधान गंगाराम ने नाम पर सहमति बनी।
वार्ड नंबर एक कयाना टापरा से प्रमिला देवी, वार्ड नंबर दो द्राबिल -1 से ज्ञान चंद शर्मा, वार्ड नंबर तीन द्राबिल -2 से इंदिरा देवी, वार्ड नंबर 4 कियत चोटी से सविता देवी और वार्ड नंबर 5 नाउतू मशाना सोनोग से रघुवीर शर्मा को सदस्य चुना गया।
बता दें कि इससे पहले की निर्विरोध चुने जाने वाली चार पंचायत में टटियाना, दाड़ो देवरिया, शीना व शरली शामिल थी। अब पांचवीं पंचायत के रूप में द्राबिल पंचायत निर्विरोध चुनी गई है।
विदित रहे कि 2026 में सर्व सहमति से चुने जाने वाली पंचायत के लिए प्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि 10 लाख से बड़ा कर 25 लाख की रुपए कर दी है। जिसके चलते जिला सिरमौर की पंचायतों में सर्वसम्मति बनाने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है, कुछ और पंचायत में सहमति बनाई जा रही हैं।


