डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन ने अपने सहयोगी दलों को तमिलागा वेट्ट्री कझगम (टीवीके) के साथ हाथ मिलाने के लिए मनाया है। जिसके बाद अभिनेता से राजनेता बने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का सपथ लेंगे। डीएमके प्रवक्ता ए. सरवनन ने इसकी दावा किया है।
सरवनन ने कहा कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई। उन्होंने डीएमके के सहयोगी दलों की मदद से मुख्यमंत्री पद हासिल किया है। हमारे नेता एमके स्टालिन संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सहयोगी दलों को टीवीके के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया।
कांग्रेस पर DMK का तंज
INDI गठबंधन के सहयोगी डीएमके का साथ छोड़कर सबसे पहले टीवीके को समर्थन देने वाली कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सरवनन ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी 5 सीटें केवल इसलिए जीतीं क्योंकि स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर उनके लिए कड़ी मेहनत की थी। शनिवार रात को तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बीते एक सप्ताह से जारी अनिश्चितता समाप्त हो गई।
चुनाव में 108 सीटों के साथ टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई। विजय ने चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। हालांकि, नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी, जिससे पार्टी के विधायकों की संख्या 107 हो गई।
बहुमत के आंकड़े तक कैसे पहुंची टीवीके?
इसके बाद टीवीके को कांग्रेस (5), सीपीआई (2) और सीपीआई-एम (2) के विधायकों का समर्थन मिला, जिससे उनकी ताकत 116 हो गई। शनिवार को अंतिम सफलता तब मिली जब विजय ने विदुथलाई चिरुथिगल काची के 4 विधायकों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का समर्थन हासिल कर लिया। इससे 234 सदस्यीय विधानसभा में उनका आंकड़ा बहुमत (118) को पार करते हुए 120 तक पहुंच गया।
विजय का शपथ ग्रहण
बहुमत का आंकड़ा छूने के बाद विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। उन्होंने तमिलगा वेत्री कड़गम विधायक दल का नेता चुने जाने का पत्र और कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे।
इसके बाद राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया और उन्हें कैबिनेट बनाने के लिए आमंत्रित करते हुए 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत साबित करने को कहा है। विजय रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह पिछले 60 वर्षों में राज्य की पहली गैर-डीएमके, गैर- एआईडीएमके सरकार होगी।
वीसीके सहित डीएमके के सहयोगियों ने स्पष्ट किया है कि वे द्रविड़ियन पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे। वीसीके सहित अन्य पार्टियां सरकार में शामिल नहीं होंगी और केवल बाहर से समर्थन देंगी। हालांकि, विजय अपनी तरफ से सत्ता-साझेदारी को लेकर वीसीके की मांग के अनुरूप सहयोगियों को अपने मंत्रिमंडल में जगह देने के लिए तैयार हैं।


