फर्रुखाबाद ब्लास्ट केस में पूर्व विधायक के बेटे की गिरफ्तारी पर HC की रोक, 26 मई को होगी अगली सुनवाई

 इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या मामले में वाराणसी जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के फर्रुखाबाद शहर स्थित निवास में 17 मार्च 2026 की शाम हुए विस्फोट में घायल अविनाश उर्फ विक्की उर्फ अविनाश सिंह और अभिषेक उर्फ सिक्की उर्फ अभिषेक सिंह चौधरी की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तिथि 26 मई तक रोक लगा दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दिया है। याची अविनाश उर्फ विक्की पूर्व विधायक का पुत्र है। नाला मछरट्टा निवासी ईशू चौरसिया, मित्तूकूंचा निवासी राशू मिश्रा, नूरपुर निवासी उदय प्रताप सिंह उर्फ भइयालाल तथा गांव नगला खैरबंद निवासी चौकीदार रामवीर यादव भी घायल हुए थे। पुलिस ने सभी घायलों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है।

कानपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपित भइयालाल की मौत हो गई थी। अन्य आरोपित अभी पुलिस की निगरानी में अस्पतालों में ही हैं। कोर्ट ने कहा, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद से दो रिपोर्ट मिली हैं। पहली रिपोर्ट उप निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला कन्नौज की है।

इसमें तथ्य यह है कि घटना एलपीजी गैस के रिसाव एवं बंद स्थान में उसके संचयन के पश्चात किसी स्रोत से प्रज्वलन के कारण हुई। दूसरी रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा की है। दोनों रिपोर्ट देखते हुए प्रथम दृष्टया एफआइआर में बताई गई घटना किसी विस्फोटक पदार्थ के कारण नहीं बल्कि रसोई गैस सिलिंडर के कारण हुई लगती है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। यह प्रकरण बीएनएस की अन्य धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 और धारा 7 आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 के अंतर्गत कोतवाली में दर्ज है।

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