बिहार के 71 हजार स्कूलों में नया नियम: मिड-डे मील योजना में सख्ती; एक माह में भरनी होगी रिक्ति

6.1kViews
1592 Shares

 राज्य के 71 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के रसोइयों की नियुक्ति अब बच्चों की संख्या के आधार पर होगी। नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज हो गई है।

फिलहाल, मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने विद्यालयवार बच्चों की संख्या को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) को दिया है।

एक माह से अधिक रसोइया के पद रिक्त रहने पर होगी कार्रवाई

नई व्यवस्था के तहत एक माह से ज्यादा रसोइया और सहायक के पद रिक्त रहने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई होगी, इसके लिए जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे।

निदेशक विनायक मिश्र के निर्देश के मुताबिक 12 अगस्त, 2013 को रसोइया एवं सहायक से संबंधित निर्गत अनुदेशिका में यह प्रविधान था कि विद्यालय में रसोइया और सहायक की संख्या का निर्धारण कुल नामांकित छात्र-छात्राओं के 85 प्रतिशत संख्या को आधार मान कर किया जाएगा।

मानक के अनुसार करें गणना

लेकिन, इसमें 20 सितंबर, 2013 को आंशिक संशोधन करते हुए कुल नामांकित छात्र-छात्राओं के 75 प्रतिशत संख्या को आधार मान कर रसोइया तथा सहायक का चयन करने का आदेश निर्गत किया गया।

इसके मद्देनजर जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रसोइया एवं सहायक की आयु 60 वर्ष पूर्ण होने अथवा मृत्युपरांत अथवा त्याग पत्र देने पर उनके स्थान पर पूर्व की रिक्ति को आधार नहीं मानें।

विद्यालय में अद्यतन नामांकन के आधार पर निर्धारित नामांकन एवं मानक के अनुसार रिक्ति की गणना करते हुए एक माह के अंदर रसोइया-सह-सहायक का चयन नियमानुसार करना सुनिश्चित करेंगे।

ताकि मध्याह्न भोजन योजना एक भी दिन रसोइया एवं सहायक के अभाव में बाधित नहीं हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *