चकेरी के संजीव नगर स्थित इलेक्ट्रिक बस स्टेशन में शनिवार को चालक की तबीयत बिगड़ गई। 108 नंबर पर एंबुलेंस को कॉल करने पर भी वह 15 मिनट तक नहीं आई तो साथी कर्मचारी उन्हें बस से ही कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताते हुए विसरा जांच के लिए रखा है।
चकेरी अहिरवां निवासी 38 वर्षीय विपिन कुमार इलेक्ट्रिक बस के चालक थे। परिवार में परिवार में पत्नी पिंकी और सात साल का बेटा मुकुल है। भाई राजू ने बताया कि शनिवार शाम विपिन संजीव नगर स्थित इलेक्ट्रिक बस स्टेशन गए थे। वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई।
इस पर 108 नंबर पर एंबुलेंस को काल की गई लेकिन करीब 15 मिनट तक वह नहीं आई। इसके बाद साथी कर्मचारी उन्हें ई-बस से ही कांशीराम ट्रामा सेंटर ले जाने लगे। इस बीच, एंबुलेंस चालक का फोन आया और बताया कि वह मौके पर पहुंच गया है।
तब तक विपिन को लेकर स्वजन कांशीराम ट्रामा सेंटर पहुंच चुके थे। ऐसे में एंबुलेंस चालक को लौटा दिया गया। हालांकि, विपिन को बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते विस्तृत जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
एंबुलेंस के इंतजार में महिला और दो बेटियों की हो गई थी मौत
पिछले सप्ताह एंबुलेंस की देरी का मामला नजफगढ़ गांव में भी सामने आया था। यहां पति से अलग मायके में रह रही चांदनी ने अपनी दोनों बेटियों पायल और ब्यूटी के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिन्हें स्वजन सरसौल सीएचसी लेकर पहुंचे थे। यहां करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस मिलने पर दोनों को एलएलआर अस्पताल पहुंचाया जा सका था। इस बीच तीनों ने दम तोड़ दिया था।


