संघ के शताब्दी वर्ष और होली मिलन के बहाने शहर में सियासी हलचल तेज हो गई है। छह या सात मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी नवाबगंज स्थित दीनदयाल विद्यालय में जुटेंगे, जहां 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन होगा। आरएसएस के प्रांत प्रचार श्रीराम ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल, संघ के प्रमुख पदाधिकारियों सहित दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को भी आमंत्रण भेजा गया है। हालांकि अभी तक किसी की ओर से आने के लिए पुष्टि नहीं की गई है।
आरएसएस के पदाधिकारियों के अनुसार बैठक में प्रदेश के राजनीतिक माहौल, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समरसता के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यूजीसी नियमों में बदलाव और प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर उठे विवाद के बाद बने हालात पर भी विचार-विमर्श प्रस्तावित है।राजनीतिक जानकार इसे संघ प्रमुख मोहन भागवत की हालिया लखनऊ और गोरखपुर यात्राओं के बाद शुरू हुई रणनीतिक कवायद का हिस्सा मान रहे हैं। संगठन स्तर पर इसे ‘चिंतन से अभियान’ की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।


