जिले में स्मैक तस्करी का जाल तेजी से पांव फैला रहा है। खासकर पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से आने वाली खेप के जरिए यह कारोबार शहरी क्षेत्र से लेकर विभिन्न प्रखंडों तक अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है।
कम समय में अधिक पैसे कमाने की चाह में कई युवा इस अवैध धंधे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि इसके आदी होकर युवा अपनी जिंदगी को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले एक माह में जिले में दस सौ ग्राम स्मैक बरामद की गई है और दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। रौतारा, फलका, सहायक, कुरसेला, कोढ़ा, फलका और नगर थाना क्षेत्र में लगातार कार्रवाई कर कई सौदागरों को पकड़ा गया है।
इसके बावजूद तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जाता है कि बंगाल से स्मैक की खेप पहले नगर थाना क्षेत्र में पहुंचती है, जहां से इसे विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता है। इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर भी कई लोग जुड़े हुए हैं, जो डिलीवरी और वितरण का काम संभालते हैं।
बता दें कि इससे पहले रौतारा थाना क्षेत्र के खुदना से एक किलो 442 ग्राम स्मैक बरामद हुए थे। इसमें एक तस्कर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक थाना क्षेत्र के महावतपुर निवासी अलामीन शेख की गिरफ्तारी हुई थी।
वहीं, रौतारा थाना क्षेत्र से ही 28.86 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी। इसमें खुलासा हुआ था कि दालकोला पश्चिम बंगाल से स्मैक लाकर कटिहार व पूर्णिया क्षेत्र में स्मैकर्स को स्मैक बेचा जाता था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। स्मैक बेचने वालों की गिरफ्तारी के साथ ही नशीले पदार्थों की बरामदगी भी की जा रही है। – अभीजित कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ
स्मैक के सेवन से युवक हो रहे बीमार
स्मैक के बढ़ते सेवन से युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। नियमित रूप से नशा करने वाले कई युवक बीमार पड़ रहे हैं और स्थिति बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराना पड़ रहा है।
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एस विंकर ने कहा कि स्मैक एक बेहद खतरनाक नशा है, जो शरीर और दिमाग दोनों पर गहरा दुष्प्रभाव डालता है।
इसके सेवन से युवाओं में कमजोरी, भूख न लगना, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन और मानसिक अस्थिरता जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार सेवन करने पर यह लत गंभीर रूप ले लेती है, जिससे व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी असंतुलित हो सकता है।


