विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार के न्यायालय ने असलहे के बल पर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए 20 की कठोर सजा सुनाई। न्यायालय ने एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाते हुए इसकी 80 प्रतिशत धनराशि नाबालिग के संरक्षक को दिए जाने का आदेश दिया है।
न्यायालय में विशेष शासकीय अधिवक्ता पाक्सो एक्ट फूलबदन व अजय गुप्त ने बताया कि वादी ने 18 अक्टूबर 2022 को तमकुहीराज थाने में सूचना दी कि उनकी 14 वर्ष की बहन को गांव का ही शहाबुद्दीन तमंचा के बल पर अपहृत कर सरेह में गन्ने के खेत में ले गया और दुष्कर्म किया।
घटना बाद घर पहुंची पीड़िता ने आपबीती बताई तब इसकी जानकारी हुई। सूचना के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस जांच शुरू की। विवेचना के पश्चात पुलिस ने आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
वहां दाखिल पत्रावली, पेश सबूतों तथा दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने आरोपित शहाबुद्दीन को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। न्यायालय ने कहा कि दुष्कर्म समाज का सबसे घिनौना अपराध है।
अभियुक्त ने यह अपराध कारित कर न सिर्फ नारी के मर्यादा पर आघात किया है बल्कि पीड़िता व उसके परिवार के सामाजिक सम्मान पर भी चोट पहुंचाई है। जिसका दर्द जीवन भर रहेगा।


