मंडी में चार बार की पार्षद व कांग्रेस प्रवक्ता का कटा टिकट, नामांकन के आखिरी दिन मंत्री के भतीजे को मिला मौका

 हिमाचल प्रदेश में मंडी नगर निगम के चुनावी रण में प्रत्याशियों के चयन को लेकर मचे घमासान के बीच खलियार वार्ड एक की तस्वीर साफ हो गई है। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर अंततः अपने भतीजे व अधिवक्ता प्रवीण कुमार ठाकुर को टिकट दिलाने में सफल रहे। इस फैसले के साथ ही वार्ड में चार बार की पार्षद रहीं एवं कांग्रेस प्रवक्ता अलकनंदा का पत्ता कट गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

कई दिन से बना था सस्पेंस

खलियार वार्ड के टिकट को लेकर पिछले कई दिनों से सस्पेंस बना हुआ था। एक तरफ अनुभवी अलकनंदा का लंबा राजनीतिक करियर था, तो दूसरी तरफ कौल सिंह ठाकुर की प्रतिष्ठा।

शिमला से दिल्ली तक झोंकी ताकत

बताया जा रहा है कि टिकट के लिए दोनों गुटों ने शिमला से लेकर दिल्ली दरबार तक पूरी ताकत झोंक दी थी। सिफारिशों का दौर इतना लंबा चला कि अंतिम सूची में प्रवीण कुमार के नाम पर मुहर लगने तक सांसें अटकी रहीं। अंततः कौल सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने उत्तराधिकारी को मैदान में उतारने में कामयाब रहे।

यह क्षेत्र किंगमेकर की भूमिका में

नगर निगम के गठन के दौरान खलियार वार्ड के स्वरूप में बदलाव कर इसमें बिजणी क्षेत्र को शामिल किया गया था। इस बार के चुनाव में यह क्षेत्र किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रहा है। रोचक तथ्य यह है कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों ने बिजणी क्षेत्र से संबंधित चेहरों पर दांव खेला है।

रोचक मोड़ पर आया चुनाव

भाजपा पहले ही यहां से अपना प्रत्याशी उतार चुकी है, और अब कांग्रेस ने भी प्रवीण कुमार को उतारकर मुकाबले को बिजणी बनाम बिजणी के रोचक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। अलकनंदा का टिकट कटना शहर में चर्चा का मुख्य केंद्र है।

लगातार चार बार पार्षद रहने के बावजूद पार्टी ने उन्हें इस बार दरकिनार कर दिया। पार्टी के भीतर नए रक्त को शामिल करने की दलील दी जा रही है, लेकिन असल में यह कौल सिंह ठाकुर के वर्चस्व की जीत है। अब चुनौती यह होगी कि क्या प्रवीण ठाकुर अपने ताया के राजनीतिक कद के अनुरूप वार्ड की जनता का विश्वास जीत पाएंगे या वरिष्ठ पार्षद की नाराजगी पार्टी की राह मुश्किल करेगी। खलियार वार्ड का यह चुनाव अब प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है।

वार्ड एक खलियार: अनुभवी अधिवक्ता एवं कर्मठ नेता प्रवीण

निगम के वार्ड एक खलियार से कांग्रेस पार्टी ने चार बार की पार्षद अधिवक्ता अलकनंदा हांडा का टिकट काट कर यहां से पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के भतीजे प्रवीण कुमार ठाकुर को मैदान में उतारा है। 10 मार्च 1982 को जन्मे प्रवीण के पास कानून के क्षेत्र में 19 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 1999 में मंडी कालेज के कैंपस महासचिव के रूप में की थी। संगठनात्मक कौशल में निपुण प्रवीण वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पूर्व वे प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव और मंडी लोकसभा युवा कांग्रेस के महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। 2021 के पंजाब विधानसभा चुनावों में उन्होंने जिला समन्वयक के रूप में अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था।

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