खेत में घुसकर तरबूज तोड़ लेने पर किशोर की हत्या के 24 घंटे बाद तक गांव में तनाव की स्थिति है।
किशोर की हत्या के साथ ही उसकी आंख भी निकाली गई है। पुलिस की मौजूदगी में शनिवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। ग्रामीणों को शक है कि खेत किराए पर लेने वाले मुस्लिमों ने हत्या की है।
बरेली-बदायूं के लोगों को गांव में बिना सत्यापन के खेत किराए पर दे दिए गए हैं। खेतों पर रहकर वह तरबूज और खरबूजे की खेती कर रहे हैं। खेती करने वाले अपराधी तो नहीं इसकी भी किसी को जानकारी नहीं है।
खास बात यह है कि यहां पुलिस का सूचना तंत्र भी फेल हो गया। तीन महीने से गांव में रह रहे बाहरी लोगों की भनक तक नहीं लगी। बसई जगनेर के गांव रंधीरपुरा व आसपास के गांव के किसानों ने अपने खेत बदायूं, रायबरेली, शाहजहांपुर के लोगों को किराए पर दे रहे हैं।
प्रति बीघा खेत 25 हजार रुपये दिया गया है। खेत किराए पर लेने वाला व्यक्ति कौन है, इसकी खेत मालिकों को जानकारी तक नहीं है। रंधीरपुरा में किशोर की हत्या के बाद उसके पिता को भी खुद नहीं पता था कि जिन्हें उन्होंने खेत किराए पर दिए हैं, वह कहां के रहने वाले हैं।
उन्हें सिर्फ एक व्यक्ति नासिर का नाम पता था और बदायूं का रहने वाला है, इससे ज्यादा कुछ नहीं मालूम था। खेत लेने वाले अपराधी तो नहीं है, इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है।
चौकाने वाली बात यह है कि तीन महीने से बाहरी लोग गांव में रहकर खेती कर रहे थे, लेकिन पुलिस को उनकी भनक तक नहीं थी। इसीलिए उनका सत्यापन नहीं हुआ। किशोर की हत्या के बाद से ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।


