दिल्ली में पुलिस कांस्टेबल के द्वारा बिहार के 2 युवकों को गोली मारने का मामला गरमाता जा रहा है।इस मामले में अब खेसारी लाल यादव का बेहद तल्ख बयान आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सरकार, व्यवस्था और नेताओं पर हमला बोला है।
दिल्ली जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में शनिवार रात को हुई इस वारदात में एक युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों में काफी गुस्सा है। Khesari lal yadav ने सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए लिखा, “ये हाल है देश की राजधानी दिल्ली का, जहां बिहारी एक दिन का ही हड़ताल कर दे, तो एक इंच घुसकना मुश्किल हो जाएगा।”
खेसारी ने लिखा कि दिल्ली में हर सांसद, विधायक बिना बिहारी वोटर के सपोर्ट के जीत ही नहीं सकता और इस मुद्दे पर सबकी बोलती बंद है। अब सब लीपापोती में लग जाएंगे, ताकि ये मुद्दा दब जाए।
उन्होंने लिखा, “ऐसे विकास का आचार लगाइएगा, जहां इतना भेदभाव हो। फोकसबाजी और रीलबाजी वाला नशा फैलाने से ये हाल हुआ है। दिन भर बस नैरेटिव का विकास होता हैं, हमारे देश में। इतना नफरत बो दिया गया है समाज में कि हम क्षेत्र के आधार पर एक दूसरे की जान ले रहे हैं। थू है।”
क्या पूरा मामला?
जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में शनिवार रात दोस्त के बेटे की जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे दो दोस्तों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल ने गोली मार दी। मृतक की पहचान पांडव कुमार और घायल की पहचान कृष्ण के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, वारदात के दौरान हेड कॉन्स्टेबल नशे में था। उसने युवकों से भीड़ लगाने का कारण पूछा और गाली गलौज करने लगा, लोगों ने विरोध किया तो गोली चला दी। जिसमें एक की मौत हो गई। वहीं एक घायल को DDU अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक पांडव कुमार उत्तम नगर की प्रजापति कॉलोनी में रहते थे और जोमैटो में डिलीवरी ब्वॉय थे। शनिवार वह जाफरपुरकलां में दोस्त रूपेश के दो साल के बेटे की जन्मदिन की पार्टी में गए थे। देर रात करीब दो बजे पार्टी खत्म होने के बाद रुपेश सभी के साथ मेन रावता रोड पर गए।
सड़क पर एक मोटरसाइकिल पर दोनों दोस्त पांडव और कृष्ण बैठे थे। उनके साथ महिलाएं और अन्य लोग भी थे। तभी पास में ही रहने वाला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात कॉन्स्टेबल नीरज वहां आया और वारदात को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल भीड़ लगाने का कारण पूछा और गाली गलोज करने लगा। इसी बात पर कांस्टेबल आगबबूला हो गया और पिस्टल निकालकर पांडव कुमार के माथे पर रख दी और बाद में सीने से सटाकर गोली चला दी। गोली पांडव के सीने को चीरती हुई उसके पीछे बैठे कृष्ण के पेट में जा लगी। इसके बाद आरोपित फरार हो गया।
मां-बाप का इकलौता का सहारा था पांडव
मृतक पांडव बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। वह परिवार की इकलौती रीढ़ था और दिल्ली में डिलीवरी ब्वाय का काम करता था।
परिवार का पूरा खर्च पांडव ही चलाता था। घर में छोटा भाई विकास और एक शादीशुदा बहन है। विकास की पढ़ाई और घर का चूल्हा, सब कुछ उसी की मेहनत से चलता था। अब इस परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है।


