लॉरेंस बिश्नोई की याचिका पर दिल्ली HC का फैसला- सलाह रद न होने तक ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ रिलीज नहीं कर सकेगी ZEE5

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 दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूसीरीज के प्रसारण के संबंध में दायर याचिका पर कार्यवाही समाप्त कर दी। अदालत ने केंद्र सरकार की सलाह के मद्देनजर मामले में अब कुछ बाकी नहीं रहने का आदेश जारी किया। इसी के साथ अब लॉरेंस पर बनी यह डॉक्यूसीरीज ओटीटी पर जारी नहीं की जा सकती है।

याचिकाकर्ता उचित कानूनी कदम उठाने को स्वतंत्र

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी की गई सलाहों को रद किए बिना निर्माता कंपनी डॉक्यूसीरीज जारी करने की स्थिति में नहीं हो सकती। याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जताई कि नाम बदलकर या किसी अन्य रूप में सीरीज जारी की जा सकती है, तो न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता उचित कानूनी कदम उठा सकता है।

मामला अदालत में सुनवाई योग्य नहीं

अदालत ने मौखिक रूप से याचिकाकर्ता के वकील से कहा, ‘जब वे कुछ करेंगे, तब आप वापस आ सकते हैं। आज तक की सलाहें रद न होने तक वे इसे जारी नहीं कर सकते।’  जी5 प्लेटफॉर्म की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 23 और 24 अप्रैल को जारी तीनों सलाहों को वे सक्षम अदालत में चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान याचिका इस अदालत में सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि इसमें क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र (territorial jurisdiction) नहीं है।

लॉरेंस के संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?

वरिष्ठ वकील ने आगे कहा, ‘हम पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में इन सलाहों को चुनौती देने की प्रक्रिया में हैं, क्योंकि ये पंजाब पुलिस के इनपुट पर आधारित हैं।’ केंद्र की कार्रवाई को देखते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान याचिका निरर्थक हो गई है।

अदालत ने आदेश में कहा, ‘अदालत का मानना है कि याचिका में उठाया गया मुद्दा निरर्थक हो गया है। सलाहों के मद्देनजर इस अदालत का मानना है कि प्रतिवादी अब ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की सामग्री जारी नहीं कर सकता। याचिकाकर्ता को प्रतिवादी द्वारा सलाहों को चुनौती देने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने या कोई अन्य उचित कदम उठाने की स्वतंत्रता दी जाती है। सभी तर्क खुले रखते हुए याचिका का निपटारा किया जाता है।’

गुजरात जेल में बंद है लॉरेंस

निर्माताओं के अनुसार, यह डॉक्यूसीरीज ‘एक अपराधी पहचान की यात्रा को संस्कृति, सिस्टम और दृश्यता के नजरिए से’ दिखाती है और लॉरेंस बिश्नोई को छात्र राजनीति, संगीत, विचारधारा तथा मीडिया के प्रभाव के पारिस्थितिकी तंत्र में एक केस स्टडी के रूप में पेश करती है। 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद है और उसके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल है।

पंजाब पुलिस ने भी किया था रिलीज न करने का अनुरोध

इससे पहले पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जी5 को इस डॉक्यूसीरीज के प्रसारण से रोकने का अनुरोध किया था। पुलिस ने कहा कि इसकी रिलीज से सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव को पत्र में कहा कि ऐसी सामग्री युवाओं को अपराध या गैंगस्टर गतिविधियों की ओर आकर्षित करने का जोखिम बढ़ाती है।

सार्वजनिक व्यवस्था के बिगड़ने का खतरा

24 अप्रैल को केंद्र सरकार ने जी5 को सलाह दी थी कि वह ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को रिलीज न करे। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को सलाह दी गई कि वे गैंगस्टरों और अपराधियों पर आधारित फिल्म, वेब सीरीज, बायोपिक या डॉक्यूमेंट्री जारी करते समय सतर्कता और विवेक का प्रयोग करें, खासकर वे सामग्री जो हिंसा भड़का सकती है या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ सकती हैं।

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