डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की स्नातक व परास्नातक सम सेमेस्टर की परीक्षा में लागू हुई माइनस मार्किंग प्रणाली को आखिरकार विवि प्रशासन ने वापस ले लिया। अब परीक्षा सामान्य तरीके से होगी, लेकिन प्रश्नपत्र का प्रारूप वस्तुनिष्ठ ही होगा। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने इस निर्णय की पुष्टि की।
बताया कि व्यापक छात्र हित को देखते हुए कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने यह निर्णय लिया है। कहा कि परीक्षा सख्ती से होगी, नकल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए उच्चगुणवत्ता आधारित तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
विगत दिनों विवि ने स्नातक व परास्नातक के सम सेमेस्टर में वस्तुनिष्ठ व माइनस मार्किंग पद्धति लागू करने का निर्णय लिया था। इस समाचार के सामने आने के बाद से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, समाजवादी छात्र सभा सहित छात्र शिक्षक संगठन आंदोलित है।
तीन दिन पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कुलपति कार्यालय का घेराव किया। इसे वापस लेने की मांग करते हुए तीन दिन का ही समय दिया। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद विवि में हरकत बढ़ी।
माइनस मार्किंग प्रणाली को वापस लेने व इसके अन्य विकल्पों पर मंत्रणा शुरू हुई। शुक्रवार शाम को कुलपति के निर्देश के बाद विवि प्रशासन ने इसे वापस लेने का निर्णय लिया। उधर एबीवीपी सहित अन्य छात्र संगठनों ने विवि के इस निर्णय का स्वागत किया।
एबीवीपी के प्रांत सह संयोजक शिवम मिश्रा ने इसे संगठन की जीत बताते हुए विवि का सूझबूझ भरा निर्णय करार दिया। बताया कि अयोध्या व देवीपाटन मंडल के हजारों विद्यार्थियों का इसका लाभ मिलेगा। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव शिवांशु तिवारी ने इस निर्णय का स्वागत किया।


