भीषण गर्मी का असर सब्जियों पर देखने को मिल रहा है। तेज धूप व लू के चलते घीया, तोरी, भिंडी सहित हरी सब्जियों की बेल प्रभावित हो रही है। इस कारण मंडियों में सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। लोकल सब्जियां मंडियों में न होने के कारण दूसरे जिलों व राज्यों से सब्जियां आ रही है, इसके चलते दामों में भी बढ़ गए हैं।
इन दिनों सबसे अधिक तेजी नींबू के दामों में देखने को मिल रही है, जो बाजार में करीब 240 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। इसके अलावा टमाटर के दाम भी बढ़कर 45 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। सब्जियों के बढ़ते दामों से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हर साल सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं, जिससे घरेलू बजट प्रभावित होता है और रसोई का खर्च बढ़ जाता है।
सब्जी विक्रेता बलजीत, अशोक और गौरव का कहना है कि गर्मी के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। तापमान अधिक होने से सब्जियों की पैदावार कम हो जाती है, जिससे मंडियों में आवक घटती है और इसका सीधा असर दामों पर पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि यदि मौसम में सुधार होता है और मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में दामों में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल, महंगी सब्जियों ने आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
सब्जी मंडी में इस तरह से सब्जियों के दाम
सब्जी– पहले — अब
आलू—-10—-15
प्याज—15—-20
गोबी–40—-80
मटर–50—-120
करेला–30—50
भिंडी–40—-50
टिंडा—55—60
कद्दू—30—35
पेठा—20—25
बैंगन–30—-40
हरी मिर्च-70–80
घीया–30—35
खीरा–15—20
टमाटर-40—50
नींबू–200–240
शिमला मिर्च-50–60


