मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण को अब जल्द गति मिलने वाली है। भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। इसको लेकर एनएचएआइ ने आवश्यक प्रक्रिया तेज कर दी है।
डीपीआर रिपोर्ट का सत्यापन शुरू
एनएचएआइ की ओर से नियुक्त एजेंसी ने डीपीआर तैयार कर रिपोर्ट सौंप दी है। परियोजना निदेशक आशुतोष सिन्हा ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर सत्यापन कराने का अनुरोध किया है।
थ्री ए प्रस्ताव के सत्यापन के बाद इसे भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसके बाद अधिसूचना जारी कर अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी।
करीब 25 सौ करोड़ की परियोजना
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन का निर्माण लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी होने की संभावना है। पहले से तय लक्ष्य के अनुसार निर्माण कार्य को दो वर्षों में पूरा करने की योजना है।
कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों के साथ-साथ उत्तर बिहार के अन्य क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। नेपाल सीमा तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार और आवागमन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
अतिक्रमण हटाने की भी तैयारी
मार्ग में कई स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या सामने आई है। एनएचएआइ ने इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजते हुए अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया है। अतिक्रमण हटने के बाद ही सीमांकन कर राइट ऑफ वे निर्धारित किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन परियोजना (NH-77/NH-22) लगभग 82.55 किलोमीटर लंबी होगी। इसकी अनुमानित कुल लागत 2800 से 3500 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है। सड़क की चौड़ाई लगभग 22 मीटर होगी, जिसमें डिवाइडर भी शामिल रहेगा।
समयसीमा और निर्माण लक्ष्य
परियोजना के तहत निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और अन्य स्वीकृतियां मिलने के बाद शुरू होगा। निर्माण शुरू होने के बाद इसे लगभग ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


