जिले के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत की गई। शहर से सटे मध्य विद्यालय चमनपुर में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने हरी झंडी दिखाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है।
जब डीएम बनीं टीचर
अभियान के दौरान जिलाधिकारी का अलग ही रूप देखने को मिला। वह सीधे कक्षा में पहुंचीं और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों से संवाद किया।
उन्होंने बच्चों से पूछा कि आज क्या पढ़ाई हो रही है? बच्चों ने जब हिंदी बताया तो उन्होंने आगे पूछा कि हिंदी में क्या पढ़ाया गया? इसके बाद उन्होंने गणित के आसान सवाल भी पूछे।
सवालों के जरिए परखी बच्चों की समझ
जिलाधिकारी ने बच्चों से पूछा कि दो और तीन को जोड़ेंगे तो क्या होगा, जिस पर बच्चों ने आत्मविश्वास से पांच जवाब दिया। वहीं, उन्होंने 15 में से 2 घटाने का सवाल भी किया, जिस पर बच्चों ने सही जवाब देते हुए अपनी समझ का परिचय दिया। इस तरह के संवाद से बच्चों में उत्साह साफ नजर आया।
मिड डे मील पर भी लिया फीडबैक
पढ़ाई के साथ-साथ जिलाधिकारी ने मिड डे मील की व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि आज खाने में क्या मिला और खाना किस समय दिया जाता है। बच्चों ने खुलकर जवाब दिए, जिससे व्यवस्था की जमीनी हकीकत का भी अंदाजा लगा।
बच्चों और शिक्षकों में बढ़ा उत्साह
उच्च पदस्थ अधिकारी को कक्षा में इस तरह सक्रिय देखकर बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।
स्कूल के शिक्षक और कर्मचारी भी प्रवेशोत्सव को लेकर पहले से तैयारी में थे, लेकिन डीएम के आने से उनका उत्साह और बढ़ गया।
अभिभावकों ने सराही पहल
स्थानीय अभिभावकों ने जिलाधिकारी की इस पहल को सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि इस तरह की पहल बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करती है और स्कूल से जुड़ाव बढ़ाती है।
नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टोला सेवक, तालीमी मरकज, विकास मित्र और शिक्षक घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित न रहे।
साथ ही छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके आंगनबाड़ी बच्चों का पहली कक्षा में नामांकन कराने पर भी जोर दिया गया।


