टीसीएस की नासिक इकाई में मतांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुलिस जांच के बीच सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसे इस मामले में आंतरिक स्तर पर कोई शिकायत नहीं मिली है।
आईटी सर्विस कंपनी ने एक निगरानी समिति बनाने और अपनी आंतरिक जांच में बाहरी संस्थाओं को शामिल करने की भी घोषणा की। बयान के अनुसार, कंपनी निदेशक मंडल के स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री इस निगरानी समिति की अध्यक्षता करेंगे।
निदा खान को लेकर कंपनी ने क्या कहा?
मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में आंतरिक जांच की रिपोर्ट समीक्षा और सिफारिशों को लागू करने के लिए निगरानी समिति के सामने पेश की जाएगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि निदा खान एचआर मैनेजर नहीं है। वह एक प्रोसेस एसोसिएट है। उसने कभी कोई नेतृत्व वाली भूमिका नहीं निभाई है।
क्या है मामला?
यह मामला तब सामने आया, जब एक महिला ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर आरोप लगाया कि उसने 2022 में शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, निदा खान दानिश शेख की बहन है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं और अपना धर्म बदलने का दबाव बनाने की कोशिश की।
इसके अलावा, यह भी आरोप है कि निदा खान और एक अन्य व्यक्ति, तौसीफ अख्तर ने शिकायतकर्ता से यह बात छिपाई कि दानिश शेख पहले से ही शादीशुदा था। जैसे ही पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की, सात और महिलाएं सामने आईं।
उन्होंने दावा किया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया था और डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। कथित तौर पर ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच घटित हुईं।


