करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र मां वैष्णो के दरबार में चढ़ाई गई चांदी में भारी मिलावट मिली है। इतना ही नहीं उसमें कैडमियम जैसा जहरीला पदार्थ भी मिला है। मां के दरबार में चढ़ाए जा रहे सिक्कों में वास्तविक चांदी मात्र पांच प्रतिशत ही थी और शेष मिलावट मिली।
यहां बता दें कि श्रद्धालु मां के दरबार में चांदी के आभूषण और सिक्के चढ़ाते हैं। हाल ही में श्राइन बोर्ड ने 20 टन चांदी टकसाल को पिघालने और भंडारण के लिए सौंपी थी। इसकी बाजार कीमत 500 करोड़ से 550 करोड़ के आसपास होनी चाहिए।
टकसाल का कहना है कि इसमें से कुल पांच से छह प्रतिशत ही असली चांदी है और शेष सब मिलावट है और इस बाजार कीमत 30 करोड़ के आसपास हो सकती है। आशंका जताई गई है कि दरबार के आसपास के ही बाजार से इस तरह के सिक्के बिक रहे हो सकते हैं।
चांदी में निकला कैडमियम और लोहा
एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार जांच से पता चला कि शेष भाग कैडमियम और लोहा था। कैडमियम की बाजार कीमत चार सौ से पांच सौ रुपये किलो है और यह चांदी के मुकाबले कुछ भी नहीं है। इसके अलावा उपभोक्ता वस्तुओं में कैडमियम का उपयोग प्रतिबंधित है।
टकसाल ने श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। पत्र में चिंता जताई गई है कि यह बेहद चिंताजनक है कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के आसपास इस तरह की अनैतिक गतिविधियां की जा रही हैं. इससे धार्मिक उद्देश्यों के लिए चांदी की वस्तुएं खरीदने वाले श्रद्धालु ठगे जा रहे हैं।


