रिश्वत लेते पकड़े गए एयरोस्पेस कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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 सीबीआई ने एक निजी कंपनी के लिए ड्रोन आयात की सुविधा प्रदान करने के लिए 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में डीजीसीए के शीर्ष अधिकारी और एक कॉरपोरेट समूह के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सीबीआई ने एक दिन पहले की गई कार्रवाई में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में ‘एयरवर्दीनेस डायरेक्टरेट’ के उप महानिदेशक एम देवुला और ड्रोन प्रौद्योगिकी में शामिल एक एयरोस्पेस कंपनी-एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड से जुड़े भरत माथुर को गिरफ्तार किया।

लंबित आवेदनों को मंजूरी देने के लिए मांगी रिश्वत

सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रविधानों के तहत माथुर, देवुला और एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि डीजीसीए के आरोपित अधिकारी ने एक निजी एयरोस्पेस कंपनी के लंबित आवेदनों की मंजूरी के बदले अनुचित लाभ की मांग की।

सीबीआई ने डीजीसीए मुख्यालय, नई दिल्ली के एयरवर्दीनेस निदेशालय के उप महानिदेशक और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। रिश्वत की पूरी राशि जब्त कर ली गई है।

तलाशी में कैश और सोने-चांदी के सिक्के बरामद

सीबीआई ने दिल्ली में चार स्थानों पर आरोपित डीजीसीए अधिकारी और अन्य व्यक्तियों के परिसरों पर तलाशी ली। इस दौरान 37 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के सिक्के और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।

सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि यह मामला एक विश्वसनीय सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया था। सूत्र ने दावा किया था कि देवुला विभिन्न निजी संस्थाओं के साथ मिलीभगत करके अनुमतियों से संबंधित मामलों में भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल हैं।

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