यूनाइटेड किंगडम में 23 साल से चल रहे तलाक के मामले में भारतीय मूल की महिला वर्षा गोहिल को आखिरकार जीत मिली है। UK के कानूनी इतिहास में इसे सबसे लंबे मामलों में से एक माना जाता है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद वर्षा गोहिल ने 6.6 मिलियन पाउंड (लगभग 84.77 करोड़ रुपये) का सेटलमेंट जीता। वर्षा ने साल 2002 में ये तलाक का केस फाइल किया था और करीब 23 साल बाद कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया।
84.77 करोड़ रुपये का तलाक समझौता
वर्षा गोहिल ने मई 2002 में तलाक के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी और शुरू में एक मामूली सेटलमेंट मान लिया था। लेकिन बाद में वर्षा गोहिल के सामने उनके पति की संपत्ति की सच्चाई सामने आई।
इस संपत्ति के बारे में उनके पति, वकील भद्रेश गोहिल ने कानूनी कार्यवाही के दौरान खुलासा नहीं किया था, जिसके चलते वर्षा गोहिल को इस संपत्ति में हिस्सा नहीं मिल पाया।
लंदन में रहने वाली 61 वर्षीय वर्षा गोहिल को लंबे समय से शक था कि उनके पति ने तलाक की कार्यवाही के दौरान अपनी सभी संपत्तियों का खुलासा करने की कानूनी जिम्मेदारी के बावजूद अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं दिया था।
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व पति को जेल
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्षा गोहिल शादी के बाद की संपत्ति में बड़ा हिस्सा पाने की कोशिशें तब और मुश्किल हो गईं जब उनके पूर्व पति के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई।
2010 में, नाइजीरिया में एक क्लाइंट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में वर्षा के पूर्व पति भद्रेश गोहिल को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उसी समय, UK क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने उनकी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लगभग 28 मिलियन पाउंड के फंड को जब्त करने का आदेश मांगा था।
हालांकि, वर्षा और भद्रेश की वैध संपत्ति में वर्षा गोहिल के हिस्से के अधिकार का सवाल अनसुलझा रह गया। लेकिन कोर्ट ऑफ अपील ने लंबे समय से चल रहे मामले को खत्म किया।
वर्षा मोहिल ने कैसे जीता केस?
द टाइम्स के मुताबिक, UK कोर्ट ऑफ अपील ने पिछले महीने किसी भी और अपील की गुंजाइश खत्म कर दी, जिससे पिछले साल आए हाई कोर्ट के फैसले को लागू करने का रास्ता साफ हो गया और दशकों से चल रहा कानूनी विवाद आखिरकार खत्म हो गया।
28 मई, 2025 को आए हाई कोर्ट के फैसले में जस्टिस विलियम्स ने कहा, ‘पति का व्यवहार बेईमानी और उसके नतीजों के मामले में सबसे निचले स्तर का है। वर्षा अब रिटायरमेंट की उम्र के करीब है और पिछले 23 साल उसने सेहत से जुड़ी समस्याओं के बावजूद बिताए हैं, लेकिन आर्थिक रूप से वह अभी भी ठीक-ठाक स्थिति में हैं।’
CPS ने तर्क दिया कि संबंधित संपत्तियां पूरी तरह से गलत रीके से हासिल की गई थीं और इसलिए उन्हें तलाक समझौते के बजाय केवल आपराधिक वसूली कार्यवाही के दायरे में रखा जाना चाहिए।
हालांकि, हाई कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि कुछ संपत्तियां शादी के दौरान स्थापित वैध व्यवसायों से आई थीं, जिससे वर्षा गोहिल को हिस्सेदारी का कानूनी अधिकार मिला।


