इससे पहले विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन और राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में टीइटी आयोजित कराने के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया था। सरकार के मौजूदा कदम को टीइटी मामले में प्रभावित शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका के जरिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है।