‘मिडिल ईस्ट में संघर्ष का हल सेना नहीं’, US-ईरान सीजफायर को लेकर बोले UN महासचिव गुटेरस

 अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर की डेडलाइन खत्म होने में चंद दिन बाकी हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है यह संघर्ष विराम बना रहना चाहिए और मिडिल ईस्ट में संघर्ष का हल सेना नहीं है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “हफ्तों की तबाही और तकलीफ के बाद यह साफ है कि मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा संघर्ष का कोई भी सैन्य हल नहीं है। मैं एक समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने की अपील करता हूं। संघर्ष-विराम को हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए। सभी तरह के उल्लंघन तुरंत बंद होने चाहिए। संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट सहित नौवहन की आजादी का सम्मान करना चाहिए।”

‘पैदा हो सकता है खाद्य संकट’

इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट की लंबे समय तक चलने वाली नाकेबंदी एक वैश्विक खाद्य संकट को जन्म दे सकती है।

अमेरिका-ईरान की शांतिवार्ता का नहीं निकला कोई हल

पाकिस्तान की मेजबानी में हुई लंबी चर्चाएं बिना किसी नतीजे के खत्म हो गईं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का बचाव करते हुए कहा है कि वॉशिंगटन ईरान को दुनिया को “ब्लैकमेल” करने की अनुमति नहीं देगा।

हालांकि बातचीत अभी भी रुकी हुई है लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने वॉशिंगटन से संपर्क किया है, जो बेहद बेसब्री से कोई समझौता करना चाहता है। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक प्रवक्ता ने कहा है कि यदि युद्ध जारी रहता है तो ईरान “ऐसी क्षमताएं दिखाएगा जिनके बारे में दुश्मन को कोई अंदाजा नहीं है।”

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