जेल भेजा गया आतंकियों से जुड़ा युवक मैजुल, 24 घंटे की पूछताछ में पुलिस के सामने उगला राज

सोशल मीडिया पर हथियारों की वीडियो वायरल करने के मामले में गिरफ्तार किए गए मैजुल को पूछताछ के बाद रविवार शाम कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में टेलीग्राम ग्रुप के आकिब और अपने संपर्क के कुछ युवकों के नाम बताए हैं।

पुलिस उनके बारे में गहनता से जानकारी जुटा रही है। दो युवकों से पूछताछ भी की गई है। हालांकि पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर के बारे में मैजुल को भी पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस अब इस केस में फरार आकिब व आजाद को विदेश से लाने की कोशिश में लगी है।नांगल थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल पिछले पांच सालों से दक्षिण अफ्रीका में रहकर सैलून पर काम करता था। नवंबर में मेरठ के गांव सठला निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो कॉल की। इस कॉल में मैजुल भी जुड़ा हुआ था। वीडियो में आकिब एके 47 और हैंड ग्रेनेड दिखा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद 23 नवंबर को नांगल थाने में आकिब और मैजुल के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

इस मामले में पुलिस ने हथियारों को प्लास्टिक का बताकर एफआर लगा दी थी, लेकिन अप्रैल माह में लखनऊ एटीएस ने आरोपी आकिब के मेरठ निवासी साथी शाकिब को गिरफ्तार किया था। पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर से शाकिब और आकिब के संपर्क सामने आए थे, जिसके बाद बिजनौर पुलिस ने आकिब की विवेचना फिर से शुरू कर दी थी।

आकिब व मैजुल के टेलीग्राम ग्रुप में शामिल जलाल हैदर निवासी गांव मुंडाखेड़ा नजीबाबाद, उवैद मलिक निवासी टांडा माईदास व समीर निवासी गांव महावतपुर नजीबाबाद को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं सौफतपुर निवासी मैजुल और इनामपुरा निवासी आजाद का लुक आउट नोटिस जारी किया था।

शनिवार को साउथ अफ्रीका से लौटने पर मैजुल को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था। बिजनौर पुलिस मैजुल को ले आई थी। तब से पुलिस, एटीएस व एनआईए ने आरोपी से आतंकी कनेक्शन व देश विरोधी गतिविधियों के बारे में पूछताछ की।

रविवार को विवेचक व नजीबाबाद कोवताल अमित कुमार ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जांच टीम का मकसद पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर द्वारा चलाए गए स्लीपिंग माड्यूल के बारे में जानकारी करना था।

हालांकि, आरोपी अबू बकर के बारे में ज्यादा नहीं बता पाया है, लेकिन मेरठ के आकिब और मैजुल से कुछ और भी युवक सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े हुए हैं और आपस में धार्मिक एवं भड़काऊ संदेश भेजते हैं।

पाकिस्तानी हैंडलरों के इशारों पर संवेदनशील स्थानों की रेकी, धार्मिक उन्माद फैलाने वाली घटनाएं और विभिन्न तरह की साजिश रचने के लिए युवाओं का ग्रुप तैयार करने के मंसूबे बुन रहे हैं। अब पुलिस ने जांच में सामने आए चार पांच अन्य युवकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उनके बारे में गहनता से जांच की जा रही है।

पता लगने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मामले में उनकी भूमिका कहां तक संदिग्ध है। कुछ युवकों से पूछताछ भी की गई है। उनके खाते, मोबाइल डिटेल व इंटरनेट साइट खंगाली जा रही है।

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