लखनऊ झील में डूबने से किशोर की मौत, अवैध खनन पर सवाल

किसान पथ स्थित साहू कालोनी के किनारे बनी झील में शनिवार दोपहर एक किशोर अपने भाई और दो दोस्तों के साथ नहाने गया, जहां वह डूब गया। स्थानीय लोगों ने किशोर को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

पीजीआइ थाने की पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक खोजबीन की, जिसके बाद किशोर को झील से बाहर निकाला गया, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि मिट्टी खनन के कारण झील की गहराई बढ़ गई है।

रायबरेली रोड स्थित सभा खेड़ा निवासी राकेश, जो पीजीआइ में संविदा पर सफाईकर्मी हैं, का 13 वर्षीय बेटा जितेंद्र अपने छोटे भाई मनीष और दोस्तों पुनीत तथा हिमांशु के साथ झील में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख उसके दोस्तों ने शोर मचाया और आसपास के लोग भी पहुंचे, लेकिन तब तक जितेंद्र डूब चुका था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई के कारण कोई सफलता नहीं मिली।

पीजीआइ पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने किशोर की खोजबीन शुरू की। एक घंटे की तलाश के बाद किशोर को अचेत अवस्था में झील से बाहर निकाला गया। पुलिस ने उसे एसजीपीजीआइ की इमरजेंसी में पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से परिवारजन गहरे सदमे में हैं।

पीजीआइ थाने के इंस्पेक्टर धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि परिवार ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्षों पहले तक यह झील करीब 36 बीघे में फैली थी। किसान पथ के निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर यहां से मिट्टी का खनन हुआ। अवैध खननकर्ताओं ने भी इसका फायदा उठाया और काफी मिट्टी बेच डाली। नतीजतन झील काफी गहरी हो गई।

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