केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने को लेकर रविवार को तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
रिजिजू ने कहा कि इस बिल को रोकना महिला अधिकारों पर सीधा हमला है और यही बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के पतन की शुरुआत साबित होगा।
महिला आरक्षण पर बोले रिजिजू
शाम में कोलकाता में मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि महिला अधिकारों पर चोट का टीएमसी को विधानसभा चुनाव में जनता करारा जवाब देगी।
रिजिजू ने कहा कि संसद के हालिया विशेष सत्र में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन बिल सबसे महत्वपूर्ण था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में व्यापक प्रतिनिधित्व देना था।
किरेन रिजिजू ने चेतावनी दी कि इस विधेयक को रोकने वालों को जनता बुरा परिणाम देगी। संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह विधेयक शुक्रवार को पारित नहीं हो सका था।
रिजिजू ने विपक्ष के उस तर्क को भी खारिज किया, जिसमें इस बिल को परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया से जोड़कर केंद्र का कोई छिपा हुआ एजेंडा बताया गया था। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण लोकतांत्रिक जरूरत है, क्योंकि कई क्षेत्रों में एक सांसद पर मतदाताओं की संख्या 40 लाख तक पहुंच गई है, जिससे प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ रहा है।
किरेन रिजिजू ने कहा कि कोलकाता देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। यहां आकर मैं कहना चाहता हूं कि महिला आरक्षण बिल को रोकना सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम है। यह शुरुआत है और यही बंगाल में सरकार बदलने की शुरुआत भी बनेगी।


