शहर की अनाज मंडी में गेहूं खरीद और उठान प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी में गेंहू लिफ्टिंग के नाम पर अवैध वसूली का खेल रुक नहीं रहा है। आढ़ती लगातार गेहूं की फसल का उठान कर रहे ट्रांसपोर्टर पर अवैध वसूली का आरोप लगा रहे हैं।
फसल के ढेर बढ़ा रहे चिंता
हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गौरव तेवतिया ने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त से भी की है। आढ़तियों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। वहीं धीमी गति से उठान होने के कारण बदलते मौसम के बीच मंडियों में खुले में लगे फसल के ढेर आढ़तियों और किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
66 हजार गेहूं के कट्टों की खरीद
पलवल अनाज मंडी में वेयरहाउस द्वारा फसल की खरीद की जा रही है। अब तक वेयरहाउस द्वारा आठ लाख 66 हजार गेहूं के कट्टों की खरीद की जा चुकी है, जबकि उठान पांच लाख कट्टों का ही हो पाया है।
उठान की प्रक्रिया धीमी होने के कारण मंडी में गेहूं के ढेर लग गए हैं, जिससे भंडारण की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। मौसम में बदलाव की आशंका के चलते किसानों की चिंता और बढ़ गई है। इससे पहले भी इस माह की शुरुआत में आई वर्षा से किसानों का गेहूं मंडी में भीग गया था।
लोडिंग के नाम पर प्रति कट्टा चार रुपये
बीते दिनों जिला उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ ने दावा किया था कि मंडी में उठान तेजी से हो रहा है और किसानों को कोई समस्या नहीं आ रही है। लेकिन खरीद और उठान की समस्या के बीच अब आढ़तियों द्वारा गेहूं के उठान के लिए नियुक्त ठेकेदार द्वारा लोडिंग के नाम पर प्रति कट्टा चार रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है।
आढ़तियों के साथ-साथ किसान भी परेशान
आढ़तियों का कहना है कि अतिरिक्त राशि का भुगतान करने से इनकार करने पर गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। सरकार के तरफ से प्रदेश के सभी ठेकेदारों को कट्टा का शुल्क दिया जाता है। मड़ी से अनाज उठान नहीं होने के कारण मंडी का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस कारण आढ़तियों के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं।
बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान गौरव तेवतिया के अनुसार उठान के लिए नियुक्त किए गए ठेकेदार राजबीर द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त से की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
289 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन का भी आरोप
शहर की अनाज मंडी में इससे पहले फसल खरीद में भी अनियमितताओं का आरोप लग चुका है। कुछ दिन पहले कांग्रेस विधायक रघुबीर तेवतिया ने पलवल अनाज मंडी में करोडों रूपये के घान घोटाले का बडा आरोप लगाया था।
उन्होंने बताया था कि पिछले सीजन के दौरान धान खरीद में किसान से 289 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन के तौर पर लिया गया था। किसानों से हुई इस वसूली में मंडी समिति के एक इंस्पेक्टर ने बडी भूमिका अदा की थी।
2900 किसानों को हुआ है भुगतान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पलवल अनाज मंडी में पिछले 15 दिनों में सिर्फ 2900 के करीब किसानों को भुगतान किया गया है। करीब 52 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया है। आढ़तियों का कहना है कि उठान पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रहा है। उठान नहीं होने से किसानों को उनकी फसल का भुगतान भी समय पर नहीं मिल पा रहा है।
उठान के बाद ही 72 घंटे में फसल का भुगतान होता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। किसान अगली फसल की तैयारी के लिए इसी भुगतान पर निर्भर रहते हैं। इस पूरे मामले को लेकर आढ़तियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
वेयरहाउस अधिकारी बलदेव सैनी के अनुसार फसल का उठान तेजी से किया जा रहा है। साथ ही किसानों को भुगतान भी किया जा रहा है। यदि कोई शिकायत उठान के नाम पर अवैध वसूली की आती है तो जांच की जाएगी।


