बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के बहुचर्चित शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को पहली बड़ी कामयाबी मिली है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ओंकार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गोविंद की पत्नी रीना उर्फ अंजलि के आवेदन पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें ओंकार सिंह, हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले बाबुल चौधरी और पटना की एक महिला डॉक्टर जैसमीन परवीन को नामजद आरोपित बनाया गया है।
सिटी एसपी मोहम्मद मोहिबुल्लाह अंसारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले के हर पहलू पर गहनता से जांच की जा रही है।
पूर्व मेयर व आशुतोष हत्याकांड से जुड़े हैं तार
मारे गए शूटर गोविंद शर्मा और गिरफ्तार ओंकार सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। ये दोनों शहर के सबसे सनसनीखेज मामलों पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड और प्रापर्टी डीलर आशुतोष शाही हत्याकांड में सह-आरोपित रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों कुख्यात गैंगस्टर मंटू शर्मा गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़े हुए थे। 31 मई की रात करीब 10 बजे नगर थाना क्षेत्र के छोटी कल्याणी अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर अपार्टमेंट परिसर में बदमाशों ने गोविंद शर्मा को अंधाधुंध गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था।
घटना के बाद बाबुल ने ली जिम्मेदारी
इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित आडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। इस आडियो में केस का नामजद आरोपित बाबुल चौधरी साफ तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कह रहा है, “गोविंद को हम ही मारे हैं, वो हमको मारना चाह रहा था, इसलिए मारे।” पुलिस इस आडियो क्लिप की सत्यता और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
पटना की चर्म रोग विशेषज्ञ प्रेमिका फरार
पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्राथमिकी में नामजद आरोपित डॉक्टर जैसमीन परवीन पटना की एक जानी-मानी चर्म रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) है, जिसके साथ गोविंद का पिछले कुछ महीनों से गहरा संबंध था।
पूछताछ में उसे गोविंद की प्रेमिका बताया गया है। घटना के बाद पुलिस की एक विशेष टीम पटना पहुंची, लेकिन डॉक्टर जैसमीन फरार मिली।
परिजनों और करीबियों का मानना है कि यह पूरी घटना एक गहरी साजिश और ‘हनीट्रैप’ का हिस्सा हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि पिछले साल जब गोविंद जेल में था, तभी उसकी हत्या का ताना-बाना बुना गया।
जेल से बाहर आते ही साजिश के तहत डॉक्टर को उसके करीब लाया गया ताकि गोविंद की पल-पल की मूवमेंट और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसी रेकी के आधार पर आइकॉन टावर में एक छात्र के जरिए कमरा दिलाया गया और गोविंद को ठिकाने लगा दिया गया।
SIT और STF की ताबड़तोड़ छापेमारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ (STF) और जिला पुलिस की एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इस मामले में एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
इससे पूर्व, सोमवार को शहर की एक बड़ी ऑटोमोबाइल वाहन एजेंसी के मालिक को भी हिरासत में उठाया गया था। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कहीं कोई बड़ी वित्तीय फंडिंग या सफेदपोशों का हाथ तो नहीं है। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।


