विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में मंगलवार को गोंडोला (केबल कार) सेवा में हालात पूरी तरह सामान्य हो गए हैं। बीते सोमवार को एक बड़े तकनीकी फॉल्ट के कारण गोंडोला सेवा बीच में ही ठप हो गई थी, जिससे कई केबिन हवा में लटक गए थे। इस आपातकालीन स्थिति के बाद चलाए गए एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी 286 फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और स्थानीय गाइडों की त्वरित कार्रवाई की पर्यटकों ने जमकर सराहना की है।
देर रात तक चला मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को आई तकनीकी खराबी के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। हवा में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए सेना के जवानों, स्थानीय पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर मोर्चा संभाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन देर शाम से लेकर रात तक जारी रहा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी 286 पर्यटकों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बचा लिया गया है और किसी को भी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं आई।
समाचार एजेंसी एएनआई से बा करते हुए पर्यटक सौरभ ने कहा कि हमें यहां काफी सुरक्षित महसूस होता है। यहां हमेशा सुरक्षा तैनात रहती है। और सभी स्थानीय लोग बहुत मददगार हैं। वे ऊपर गए, सभी को बचाया, उनका साथ दिया और उन्हें वापस ले आए। किसी को भी ज़्यादा मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा… सबसे ज़रूरी बात यह है कि सभी को सुरक्षित बचा लिया गया और सभी वापस आ गए…
और भी पर्यटकों को गुलमर्ग आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने आगे कहा, “यहां आराम से आइए। चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। आप रात को 10, 11 या 12 बजे भी बेझिझक घूम सकते हैं।”
मुंबई के एक और पर्यटक, विनीत बिकल ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले दो दिनों से गुलमर्ग में थे और उन्होंने बचाव कार्यों को करीब से देखा। उन्होंने कहा, “हम पिछले दो दिनों से गुलमर्ग में हैं, और अब तक, हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा है। मौसम बहुत सुंदर है – न ज़्यादा ठंडा और न ज़्यादा गर्म।” उस घटना को याद करते हुए, बिकल ने कहा कि वे बाल-बाल बच गए और उस गड़बड़ी में फंसने से बच गए।


