कोडरमा प्रखंड के गझंडी पंचायत के जंगलों में बाहरी जिलों-रांची और खूंटी से आए लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। जंगलों को काटकर वहां घर और खेत बना लिए गए हैं, जिससे दर्जनों एकड़ वन क्षेत्र नष्ट हो चुका है।
वन्य जीवों का खत्म हो रहा प्राकृतिक आवास
जंगलों में बढ़ती इंसानी बसावट के कारण वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास खत्म हो रहा है। स्थिति यह है कि जंगली जानवर पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं और कई बार शिकारियों के निशाने पर भी आ जाते हैं।
पानी का गंभीर संकट
कई स्थानों पर जंगली नालों और जल स्रोतों को भरकर खेती शुरू कर दी गई है, जिससे वन्य जीवों के लिए पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मी और अधिकारी सब कुछ देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं।
वन विभाग की उदासीनता पर चिंता
इस संबंध में स्थानीय मुखिया इंदिरा देवी ने भी वन विभाग की उदासीनता पर चिंता जताते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि जल्द ही अतिक्रमण पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र के जंगल केवल कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगा।


