झुग्गियों में दिए गए बिजली कनेक्शन वैध थे या अवैध इसको लेकर बिजली विभाग जांच कराएगा। हालांकि विकास नगर स्थित जिन झुग्गियों में बुधवार शाम आग लगी थी, उनमें कनेक्शन देने के लिए जिम्मेदारों ने एक ही बिजली के खंभे पर दर्जनों मीटर लटका रखे थे।
कई हजार वर्ग फीट के इसे क्षेत्र में सैकड़ों झुग्गियां थी। सभी में स्थानीय लोग बिजली हाेने की बात करते हैं। सवाल खड़ा होता है कि अगर खंभे पर लटके चंद मीटरों के सहारे ही पूरी झुग्गी रोशन हो रही थी तो क्या बिजली विभाग की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था या फिर कनेक्शन लेने वालाें ने झुग्गियों में कनेक्शन बांट रखे थे। क्योंकि आग जहां लगी, वहां दर्जनों की संख्या में कूलर, पंखे मिले हैं। बिजली विभाग ने डेढ़ घंटे सप्लाई बंद करके झुग्गी वाले हिस्से को अलग कर दिया है।
जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में झुग्गियों की सप्लाई का दी गई है। गुरुवार को दिखवाया जाएगा कि कितने कनेक्शन जारी किए गए थे।
उन्होंने बताया कि विकास नगर सेक्टर 12 के आनंदपुरम की बिजली डेढ़ घंटे बाद सामान्य कर दी गई थी। सिंह के मुताबिक झुग्गियों के बगल से 33 केवी लाइन भी निकली है, उसकी भी जांच गुरुवार को कराई जाएगी।
अगर कोई इंसुलेटर व अन्य उपकरण खराब हुए होंगे तो उसे भी ठीक कराया जाएगा। वर्तमान में इस लाइन पर लोड न होने के कारण इसे बंद करके वैकल्पिक स्त्रोत से बिजली की आपूर्ति दी जा रही थी।
सिविल डिफेंस ने संभाला मोर्चा
खुर्रमनगर चौराहे से लेकर सपना होटल व मिनी स्टेडियम के आसपास सिविल डिफेंस के वार्डेन ने मोर्चा संभाल रखा था। दर्जनों की संख्या में यह हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरीकेडिंग कर रखी थी।
लोगों को समझाने के साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में सिविल डिफेंस की टीम ने अहम रोल निभाया। वहीं होटल सपना क्लार्क से हजारों लीटर पानी दमकल गाड़ियों को दिया। घटना स्थल पर आग बुझाने के बाद यही से पानी भरने का काम दमकल गाड़ियों में किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में उठानी पड़ी परेशानी
विकास नगर स्थित राजकीय इंटर कालेज के आसपास रहने वाले लाेगों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस व सिविल डिफेंस के लोगों को आधार कार्ड दिखाना पड़ा कि वह यही रहते हैं और आफिस से आ रहे हैं। पुलिस का तर्क था कि लोग दो व चार पहिया से अगर घटनास्थल के आसपास जाएंगे तो जाम लगेगा और दमकल की गाड़ियों को आने जाने में परेशानी होगी।
नगर निगम की मार्ग प्रकाश टीम रात नौ बजे पहुंची
घटना स्थल पर अंधेरा शाम साढ़े छह बजे के बाद ही हो गया था लेकिन स्थानीय अधिकारियों की ढिलाई के कारण यहां गलियों में मार्ग प्रकाश की अस्थायी व्यवस्था करने का काम रात नौ बजे शुरू हुआ। नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम की टीम सक्रिय दिखी। इसके कारण घटना स्थल पर पूरा अंधेरा बना रहा।
दर्जनों सिलिंडर उठाकर किनारे किए गए
दमकल कर्मियों ने झुग्गियों में मिले दर्जनों सिलिंडरों को खाली पड़े प्लाट व पानी भरी नाली में डाल दिया। स्थानीय लोग दावा करते रहे कि कई सिलिंडर फटे लेकिन पुलिस इंकार करती रही कोई सिलिंडर नहीं फटा।
हालांकि आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर फटे है, क्योंकि झुग्गियों में रहने वाले पांच किलो के सिलिंडर ज्यादा भरवाते थे और बड़े सिलिंडर कम ही थे।
झुग्गी में रहने वालों को चाहिए छत
झुग्गी में रहने वाली शमीना, मो. फारुक जैसे सैकड़ों लोग प्रशासन से सबकुछ खत्म होने का दावा कर रहे थे। सरकारी जमीन पर बसे यह लोग पक्का मकान की मांग कर रहे थे।


