ढाई साल की मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई है। रविवार को मुख्यमंत्री के आवास समत्व भवन भोपाल में वन-टू-वन बैठक में मंत्रियों ने एक-एक कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के समक्ष ढाई साल के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत किया। मंत्रियों को अलग-अलग बुलाकर बात की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव व शिवप्रकाश ने मंत्रियों से पूछा कि प्रभार के जिले में आपने क्या काम किया, कितनी बार दौरे पर गए, कितनी बार कोर कमेटी की बैठक की, कितनी बार पार्टी के जिला कार्यालय में बैठे, कितने बार कार्यकर्ताओं से भेंट की, कितने बार प्रभार के जिलों के सांसद व विधायकों के साथ भोजन किया और कितनी बार रात्रि विश्राम किया, ऐसे तमाम कठिन सवालों के जवाब लिए गए। मंत्रियों से पूछा गया कि ढाई वर्ष में आपका ऐसा कौन सा नवाचार रहा, जिससे विभाग में कसावट आई हो और समाज में बदलाव दिखा हो।
मंत्रियों से सत्ता- संगठन ने पूछे गए यह प्रश्न
विभागीय योजनाओं की प्रगति:
-मंत्रियों के संबंधित विभागों में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी रहा है?
प्रभार वाले जिलों का काम:
-मंत्रियों को सौंपे गए प्रभार वाले जिलों में उनके द्वारा किए गए विकास कार्य और कानून व्यवस्था की स्थिति?
कमजोर सीटों पर प्रदर्शन:
-जिन विधानसभा क्षेत्रों या बूथों पर भाजपा चुनाव के दौरान कमजोर रही थी, वहां स्थिति सुधारने के लिए मंत्रियों ने क्या प्रयास किए?
संगठन के साथ तालमेल:
-पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मंत्रियों का समन्वय और व्यवहार कैसा रहा?
प्रशासनिक चुनौतियां:
-मंत्रियों को अपने विभागों में अधिकारियों और कामकाज के दौरान क्या प्रशासनिक अड़चनें आईं।


