रसोई गैस संकट की स्थिति अब विकट हो गई है। एजेंसी और गोदाम पर चक्कर लगाते-लगाते लोगों का गुस्सा आखिर फूट गया। सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ताओं ने इटवा स्थित राजा गैस एजेंसी के सामने सड़क पर बैठ गए और रास्ते को जाम कर दिया।
इटवा-डुमरियागंज मुख्य मार्ग पर जाम ऐसा लगा कि करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर सड़क पर वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी। तेज धूप में लोग पसीने से तर बदर दिखे। इसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। पुलिस पहुंची लोगों को समझाना शुरू हुआ। इसके बाद करीब 25 मिनट तक चला जाम समाप्त हुआ।
इटवा में रसोई गैस संकट खत्म नहीं हो रहा है। राजा गैस एजेंसी की मनमानी से लोग ज्यादा त्रस्त हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के 20-20, 30-30 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं दिए जा रहे हैं।
सिलिंडर सड़क पर रखकर रास्ता किया जाम
एजेंसी पर आते हैं तो कहा जाता है कि जाओ होम डिलेवरी के लिए फोन जाएगा और गैस घर पहुंच जाएगी, मगर न तो फोन जाता है और न ही सिलिंडर मिलता है। रोज-रोज दौड़-धूप से लोग आजिज आए तो गुरुवार को करीब 11 बजे इनका गुस्सा फूट गया। गैस सिलिंडर सड़क पर रखकर लोगों ने रास्ता जाम कर दिया।
थोड़ी ही देर में अफरा-तफरी मच गई। इटवा निवासी सुभरन ने बताया कि एक-एक महीने के बाद भी रसोई गैस नहीं दी जाती है। शकुंतला ने बताया कि घर पर कोई नहीं है, चार दिनों से एजेंसी और गोदाम पर दौड़ रही हैं, सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
ऐसे कई उपभोक्ता मिले, जिनका कहना था कि खुद की पासबुक पर किताब नहीं मिलती है। जबकि 2000-2500 हजार में तुरंत गैस कालाबाजारी में मिल जाती है।
जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची, उपभोक्ताओं को समझाने की कोशिश की, मगर भीड़ नहीं हटी। थोड़ी देर में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा मय फोर्स फोर्स पहुंचे। समझाया कि एजेंसी संचालक से बात हो रही है, समस्या का समाधान होगा, इसके बाद जा कर भीड़ शांत हुई। जाम खत्म हुआ तो फिर आवागमन बहाल हुआ।


