हरियाणा के झज्जर में गर्मी की ‘अर्ली एंट्री’, फरवरी के अंत में ही पारा 33 डिग्री के पार; समय से पहले लौटी तपिश
फरवरी का आखिरी सप्ताह आने तक मौसम की रंगत पूरी तरह बदल चुकी है। खिली धूप ने जहां सुबह-शाम की हल्की ठंड को सीमित कर दिया है, वहीं आगामी सप्ताह के तापमान ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार होली और दुल्हेंडी (फाग) पर मौसम पूरी तरह अनुकूल और गर्म रहेगा।
आसमान साफ होने और धूप तेज होने से अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन में अब पसीने छूटने की संभावनाएं बन रही हैं। यह भी कहा जा सकता है कि इस बार होली का हुड़दंग गर्मी की गुनगुनी धूप के बीच मनेगा।
जहां एक ओर मौसम का बदलाव सुकून देने वाला है, वहीं खेती और सेहत के प्रति थोड़ी सी सावधानी आपको त्योहार के उल्लास को दोगुना करने में मदद करेगी।
मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, आगामी सात दिनों में झज्जर का पारा कुछ इस प्रकार रहेगा:
| दिन | मौसम की स्थिति | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| गुरुवार | खिली धूप | 30 | 13 |
| शुक्रवार | खिली धूप | 31 | 14 |
| शनिवार | खिली धूप | 31 | 16 |
| रविवार | खिली धूप | 31 | 16 |
| सोमवार | खिली धूप | 31 | 16 |
| मंगलवार | खिली धूप | 32 | 17 |
| बुधवार | खिली धूप | 33 | 19 |
बाजार की बदली सूरत, गन्ने के रस और जूस की बहार: गर्मी की आहट देखते ही शहर के मुख्य चौकों और बाजारों में खान-पान का परिदृश्य बदल गया है। सर्दियों में जहां मूंगफली और गज्जक की दुकानें सजी थीं, अब वहां गन्ने के रस और ठंडे जूस की रेहड़ियां नजर आने लगी हैं। लोग अब गर्म चाय की जगह ठंडे पेय पदार्थों को तरजीह देने लगे हैं।
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पहनावे पर दिख रहा है। अब भारी कोट और स्वेटर गायब हो चुके हैं। लोग हल्के सूती कपड़ों और हाफ-टीशर्ट तक में दिखने लगे हैं। घरों में रजाइयों की जगह हल्की चादरों ने ले ली है और पंखों की साफ-सफाई का दौर भी प्रारंभ हो गया है। जैसा कि संभावना दिख रही है, को लेकर लगता है कि जल्द ही इनकी स्पीड भी बढ़ेगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक होने वाली यह वृद्धि खेती के लिए मिश्रित संकेत है।
सावधानी: बढ़ती धूप गेहूं की फसल को समय से पहले पका सकती है, जिससे दानों के वजन में कमी आने की आशंका रहती है।
सलाह: कृषि विशेषज्ञ डा. सुमित ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बरकरार रखें और जरूरत के समय शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान का प्रतिकूल प्रभाव फसल पर न पड़े।
सेहत का ख्याल – वायरल और डिहाइड्रेशन से बचें : बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजीव हसीजा के मुताबिक, हो रहे बदलाव में फ्रिज का एकदम ठंडा पानी पीने से बचें, इससे गला खराब और वायरल बुखार हो सकता है।


