भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने रतलाम जिले की सैलाना तहसील में पदस्थ पटवारी कैलाश वडख्या को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से 20 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की गई है।
लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया निवासी जितेंद्र पाटीदार ने 10 अप्रैल को उज्जैन पहुंचकर एसपी आनंद कुमार यादव को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के नाम सैलाना और बागरियों की खेड़ी में करीब 5 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसके सीमांकन के लिए 22 जनवरी को लोकसेवा केंद्र के जरिए आवेदन किया गया था।
लंबे समय तक सीमांकन नहीं होने पर जब आवेदक ने 9 मार्च को तहसील कार्यालय में संबंधित पटवारी कैलाश वडख्या से संपर्क किया, तो उसने काम के बदले रिश्वत की मांग की। आरोप है कि 9 अप्रैल को पटवारी खुद आवेदक के घर पहुंचा और सीमांकन के लिए 30 हजार रुपये मांगे।
सौदेबादी करने पर पटवारी ने 7 हजार रुपये कम कर दिए और 10 अप्रैल को 3 हजार रुपये ले भी लिए। शेष 20 हजार रुपये लेने की सहमति बनी। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया।
योजना के तहत 16 अप्रैल को लोकायुक्त टीम ने सैलाना तहसील कार्यालय के नायब नाजिर कक्ष में ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही पटवारी ने आवेदक से 20 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक विशाल रेशमिया, उमेश एवं श्याम शर्मा शामिल रहे। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


