प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलडेगा में आगामी आईडीए (आइवरमेक्टिन, डायइथाइलकार्बामाज़ीन एवं एल्बेंडाजोल) इम्पैक्ट सर्वे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निशांत बेक ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी संबंधित कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान सर्वे के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं फील्ड स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों को सर्वे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझाने के लिए प्रायोगिक डेमो भी कराया गया, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
जानकारी दी गई कि यह सर्वे 20 अप्रैल से प्रारंभ होकर जलडेगा एवं बांसजोर प्रखंड के चयनित गांवों- ढेलसेरा, कुटुंगिया, बरबेड़ा, खरवागढ़ा, हुटूटूवा, पोमिया, गिनिकेरा, सिहरजोर, उरते एवं कोलमडेगा- में संचालित किया जाएगा।
सर्वे के तहत 20 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की लिम्फैटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) की जांच रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से की जाएगी, जिसका परिणाम मात्र 10 मिनट में उपलब्ध हो जाएगा।
बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि विकी कुमार ने सर्वे के दिशा-निर्देश, कार्यप्रणाली एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह सर्वे क्षेत्र में फाइलेरिया रोग की स्थिति का आकलन करने और भविष्य की स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


