जिले का अग्निशमन विभाग के पास आग वुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। विभाग कर्मचारियों और दमकलों की कमी से जूझ रहा है। यही वजह है कि आगजनी की सूचना मिलने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में दमकल लेकर टीम जब तक पहुंचती है तब तक आग बुझ चुकी होती है। इन दिनों खेत-खलिहानों में आग लग रही है। विभाग को शासन से मदद की दरकार है।
जिले में नहीं हाइड्रोलिक प्लेटफार्म व हैलीपैड की सुरक्षा को होम टेंडर
जिले के अग्निशमन विभाग में वर्तमान में 59 आरक्षियों की तैनाती है, इसमें से चार-चार कासगंज और मैनपुरी में भेज दिए गए हैं। इसके बाद जिला मुख्यालय पर अब 51 आरक्षी ही सेवा दे रहे हैँ। इसी प्रकार चार उपनिरीक्षकों की आवश्यकता है। जबकि यहां एक मात्र उपनिरीक्षक की तैनाती है। इसके अलावा तीन इंस्पेक्टर, दो चालक और पांच हवलदारों की कमी है।
बीएस थर्ड श्रेणी की दमकल होेने के कारण नहीं हो पाया रजिस्ट्रेशन
पूरे जिले में मात्र दो ही हवलदार हैं, जबकि सात का नियतन है। सुरक्षा उपकरणों की बात करें तो हैलीपैड के लिए होमटेंडर की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह बहुमंजिला इमरातों में आग लगने पर बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेट फार्म चाहिए लेकिन वह जिले में न होने के कारण आगरा से मंगाना पड़ेगा तब तक आग से काफी नुकसान हो जाएगा।
एक दमकल का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो पा रहा
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर अग्निशमन विभाग के बेड़े में एक दमकल ऐसी भी है जिसका रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। जिला अग्निशमन प्रभारी अधिकारी जितेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि बीएस-थर्ड श्रेणी का वाहन होने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है।
दर्जनभर से अधिक होटलों और निजी चिकित्सालयों में नहीं फायर एनओसी
जितेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि मुख्यालय की बात करें तो दर्जनभर से अधिक होटलों, रेस्टोरेंट और निजी चिकित्सालयों में आग बुझाने के इंतजाम ही नहींं हैं। इतना ही नहीं इनके संचालकों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी नहीं ली है।
इतने ही हैं संसाधन
जिला अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा ने बताया कि संसाधनों की बात करें तो जिला मुख्यालय पर दो बड़े 5000 लीटर क्षमता वाले फायर टेंडर, एक 700 लीटर का एक्सक्यूआरवी, दो इसुजु रेस्क्यू वाहन और दो फायर बुलेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा दो 4000 लीटर क्षमता के फायर टेंडर भी मौजूद हैं। तहसील स्तर पर अलीगंज और जलेसर में ढाई-ढाई हजार लीटर क्षमता के दो फायर टेंडर तैनात हैं।


