‘परिसीमन का प्रस्ताव संविधान पर हमला और बेहद खतरनाक’; सोनिया गांधी ने सरकार को घेरा

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार द्वारा संसद के विशेष सत्र में लाए जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित परिसीमन को लेकर केंद्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक लेख के जरिये सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है, जो संविधान पर एक ‘प्रहार’ की तरह है।

उन्होंने तर्क दिया कि लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने वाला कोई भी परिसीमन केवल अंकगणितीय नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्दबाजी में किया गया परिसीमन बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उनके अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में लाना और राजनीतिक लाभ उठाना है।

जाति जनगणना को रोकने का प्रयास?

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘जाति जनगणना’ को रोकने और उसमें देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसे लटकाया है। सोनिया ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष ने 2024 से ही इसे लागू करने की मांग की थी, तो सरकार ने इसे क्यों नकारा?

अब अनुच्छेद 334-ए में संशोधन कर इसे 2029 से लागू करने का ‘यू-टर्न’ लेने में प्रधानमंत्री को 30 महीने क्यों लगे? उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि जब बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार चरम पर है, तब बिना सर्वदलीय बैठक बुलाए विधेयकों को ‘बुलडोज’ करना प्रधानमंत्री की ‘माय वे या हाईवे’ वाली कार्यशैली को दर्शाता है। राहुल गांधी ने भी इस लेख का समर्थन करते हुए परिसीमन से जुड़ी असमानताओं पर चिंता जताई है।

अवसरवादी राजनीति कर रही है कांग्रेस: भाजपा

आईएएनएस के अनुसार, भाजपा ने सोनिया गांधी पर महिला आरक्षण विधेयक पर उनके लेख को लेकर तीखा हमला किया और सवाल उठाया कि वह इस विधेयक में देरी क्यों चाहती हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस पर ”अवसरवादी राजनीति” करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने 70 वर्षों तक महिलाओं को न तो सुरक्षा प्रदान की और न ही उनका सशक्तिकरण किया। उसने 50 प्रतिशत आबादी को प्रगति से रोक रखा था। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब जानबूझकर मामलों में देरी करने और उन्हें लंबित रखने के प्रयास किए गए। वे फिर से वही कर रहे हैं। यह उनका पाखंड है। आज इस देश की महिलाएं कांग्रेस से जवाब मांग रही हैं।”

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