सिक्किम सरकार ने राज्यभर में लागू किए गए ऑड-ईवन वाहन नियम को वापस ले लिया है। सिक्किम उच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद सरकार ने रविवार को नई अधिसूचना जारी करते हुए राज्य के सभी जिलों में निजी वाहनों पर लागू ऑड-ईवन प्रतिबंध समाप्त करने की घोषणा की।
हालांकि, गंगटोक नगर क्षेत्र में पहले से लागू ऑड-ईवन व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य में पेट्रोल (एमएस) और डीजल (एचएसडी) के पर्याप्त भंडार की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
की गई समीक्षा
समीक्षा के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सरकार को सूचित किया कि वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है। इसके आधार पर राज्य सरकार ने 14 मई 2026 की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए निजी वाहनों पर लगाया गया ऑड-ईवन प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
हालांकि, गंगटोक शहर के भीतर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा पहले से लागू ऑड-ईवन व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अलावा सरकारी वाहनों पर लागू प्रतिबंधों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राज्यभर में लागू ऑड-ईवन नियम को लेकर पिछले कुछ समय से लोगों में असंतोष देखा जा रहा था। आम नागरिकों, छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, किसानों, छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों ने इस व्यवस्था से होने वाली कठिनाइयों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।
इसी बीच रविवार सुबह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिक्किम प्रदेश ने भी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार से ऑड-ईवन नियम वापस लेने की मांग की थी। भाजपा ने कहा कि सिक्किम की भौगोलिक परिस्थितियां, पहाड़ी क्षेत्र, सीमित परिवहन सुविधाएं और बिखरी हुई बस्तियां लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर करती हैं।
जनता को हो रही परेशानी
ऐसे में ऑड-ईवन प्रतिबंध के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। भाजपा ने कहा कि यद्यपि सरकार द्वारा सार्वजनिक हित और प्रशासनिक प्रबंधन को ध्यान में रखकर उठाए गए कदमों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन नीतियां व्यावहारिक, मानवीय और लोगों की दैनिक जरूरतों के अनुरूप भी होनी चाहिए।
पार्टी के अनुसार इस प्रतिबंध ने कई परिवारों की दिनचर्या को प्रभावित किया और नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाला। भाजपा ने लोगों के हित और सुविधा को सर्वोपरि बताते हुए राज्य सरकार से ऑड-ईवन नियम को तत्काल वापस लेने की अपील की थी। पार्टी ने कहा कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सिक्किम के लोगों के हित में व्यावहारिक तथा जनोन्मुखी समाधान की मांग करती रहेगी।


