झारखंड के गिरिडीह नगर थाना अंतर्गत कोलडीहा में बीते शुक्रवार को हुए सड़क हादसे में घायल मो. नियाज अंसारी की इलाज के दौरान रविवार देर रात को मौत हो गई।
मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित लोगों ने सोमवार सुबह गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को कोलडीहा के पास जाम कर दिया। घंटों चले जाम के कारण आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
स्थिति बिगड़ती देख मंत्री सुदिव्य कुमार मौके पर पहुंचे और मृतक के स्वजन व प्रदर्शनकारियों से बात की। उनके आश्वासन के बाद ही लोगों ने जाम हटाया।
वार्ड पार्षद नूरुल होदा ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वह मामले की जानकारी लेने नगर थाना पहुंचे, तो एसआइ विक्रम सिंह ने उनके साथ अभद्रता की। नूरुल होदा ने कहा, जनप्रतिनिधि के साथ पुलिस का ऐसा व्यवहार निंदनीय है। उसने मंत्री से इसकी शिकायत की है।
शिकायत पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए वरीय पुलिस पदाधिकारियों को आरोपी SI विक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और केस के जांच अधिकारी (IO) को बदलने का निर्देश दिया।
स्वजन ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मृतक के भाई मोईन अंसारी का आरोप है कि उनका भाई घर से सड़क पर निकला था, तभी तेज रफ्तार बाइक ने गलत साइड से आकर टक्कर मार दी। मोईन अंसारी ने कहा दुर्घटना करने वाले बाइक सवार को पुलिस पकड़ी थी, पर थोड़ी देर बाद ही छोड़ दिया गया। हम न्याय चाहते हैं।
मंत्री ने दिया मुआवजे और निष्पक्ष जांच का भरोसा
मौके पर पहुंचे मंत्री सुदिव्य कुमार ने मृतक के स्वजन से मिलकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, दुर्घटना में मृत मो. नियाज अंसारी के स्वजन को सरकारी प्राविधान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा और परिवार को हर संभव मदद की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी दोहराया कि आरोपी SI को निलंबित करने व केस के IO को बदलने के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। मंत्री के आश्वासन के बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया । तब यातायात सामान्य हो सका।


