बिहार में भीषण गर्मी का कहर: मजदूर दिन में आराम, रात में काम करने को मजबूर

 भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने आम लोगों के साथ मजदूरों की दिनचर्या भी पूरी तरह बदल दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण अब मजदूर दिन में काम करने के बजाय रात के समय मजदूरी करने को मजबूर हो गए हैं।

सुबह होते ही तेज धूप और उमस इतनी बढ़ जाती है कि निर्माण कार्य करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मजदूर अब रात की रोशनी में भवन निर्माण और ढलाई का काम कर रहे हैं।

रात में ढलाई और सरिया बांधने का काम तेज

क्षेत्र में भवन निर्माण से जुड़े मजदूर देर रात तक छत की ढलाई और सरिया बांधने का काम कर रहे हैं। बिजली की रोशनी में काम करते मजदूरों का कहना है कि दिन में गर्म सरिया और तपती छत पर खड़ा होना बेहद कठिन हो जाता है।

मजदूर छोटक खान ने बताया कि तेज धूप के कारण कई मजदूरों की तबीयत भी बिगड़ रही है। लू और उमस की वजह से लंबे समय तक काम करना संभव नहीं हो पा रहा है।

दिन में आराम, रात में काम बनी मजबूरी

मजदूरों का कहना है कि भीषण गर्मी ने उनकी पूरी दिनचर्या बदल दी है। अब दिन में आराम करना और रातभर काम करना मजबूरी बन चुका है। इससे परिवार और स्वास्थ्य दोनों पर असर पड़ रहा है।

वहीं भवन निर्माण कराने वाले लोगों का कहना है कि मौसम की मार से काम की रफ्तार भी धीमी हो गई है। मजदूरों के रात में काम करने के कारण निर्माण कार्य तय समय से पीछे चल रहा है।

गर्म हवाओं ने जनजीवन को किया प्रभावित

पिछले कुछ दिनों से इलाके में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। खेत-खलिहान से लेकर निर्माण कार्य तक हर क्षेत्र पर गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।

लोगों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में स्थिति और कठिन हो सकती है। फिलहाल मजदूरों के लिए रात की ठंडी हवा ही राहत का सहारा बनी हुई है।

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